त्विषा शर्मा मौत मामला: रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह की जमानत अर्जी खारिज, मानवीय आधार की दलील भी नहीं आई काम
भोपाल के चर्चित त्विषा शर्मा मौत मामले में रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह को राहत नहीं मिली। विशेष अदालत ने आरोपों को गंभीर मानते हुए उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी। बचाव पक्ष ने उम्र, स्वास्थ्य और मानवीय आधार पर जमानत की मांग की थी।
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भोपाल के चर्चित त्विषा शर्मा मौत मामले में गिरफ्तार रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह को अदालत से राहत नहीं मिली है। विशेष अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी है। शुक्रवार को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसे शनिवार शाम सुनाया गया।
अदालत ने अपने आदेश में गिरिबाला सिंह पर लगे आरोपों को गंभीर मानते हुए जमानत देने से इनकार कर दिया। बचाव पक्ष की ओर से रखे गए सभी तर्कों पर विचार करने के बाद कोर्ट ने याचिका निरस्त कर दी।
पहले महिला जज ने सुनवाई से किया था इनकार
जमानत आवेदन सबसे पहले विशेष न्यायाधीश नीलम शुक्ला की अदालत में प्रस्तुत किया गया था। हालांकि, उन्होंने मामले की सुनवाई से स्वयं को अलग कर लिया। इसके बाद प्रकरण विशेष न्यायाधीश राम प्रताप मिश्र की अदालत में स्थानांतरित किया गया, जहां शुक्रवार दोपहर विस्तृत सुनवाई हुई।
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बचाव पक्ष ने मानवीय आधार पर मांगी थी राहत
सुनवाई के दौरान गिरिबाला सिंह की ओर से अधिवक्ता ने दलील दी कि वह महिला हैं और उनकी उम्र भी अधिक है। इसके अलावा उनकी स्वास्थ्य संबंधी स्थिति का हवाला देते हुए मानवीय आधार पर जमानत देने की मांग की गई। हालांकि, अदालत ने इन दलीलों को स्वीकार नहीं किया और मामले की गंभीरता को देखते हुए जमानत याचिका खारिज कर दी।
