सिंहस्थ की तैयारी: शिप्रा नदी पर बनेंगे 14 नए पुल, जानिए मां शिप्रा भविष्य में क्यों कहलाएंगी ब्रिजों की नदी
सिंहस्थ-2028 की तैयारी में शिप्रा नदी पर 14 नए ब्रिजों का निर्माण हो रहा है, जिनमें टू-लेन, फोर-लेन, आर्च व उच्च स्तरीय पुल शामिल हैं। लगभग 300 करोड़ की लागत से बनने वाले ये ब्रिज आवागमन व भीड़ प्रबंधन को आसान बनाएंगे। निर्माण पूरा होने पर कुल 30 पुल उपलब्ध होंगे।
विस्तार
धार्मिक महत्ता के कारण मोक्षदायिनी के रूप में ख्यात शिप्रा भविष्य में ब्रिजों की नदी भी कहलाएगी। सिंहस्थ तैयारियों के मद्देनजर नदी पर नए ब्रिजों की लंबी लाइन तैयार हो रही है। इनमें टू-लेन व फोर-लेन सबमर्सिबल ब्रिज के साथ ही उच्च स्तरीय पुल और कलात्मक आर्च ब्रिज भी शामिल हैं। इंदौर रोड तपोभूमि से मंगलनाथ के बीच 12 किलोमीटर से भी कम दूरी में शिप्रा पर 14 नए ब्रिजों का निर्माण किया जा रहा है। इनमें कुछ नए ब्रिज वर्तमान पुल के समानांतर बनेंगे वहीं कुछ नई लोकेशन पर आकार लेंगे। इनके निर्माण पर कुल करीब 300 करोड़ रुपए खर्च होंगे। यह पहला मौका है जब शिप्रा पर इतनी बड़ी संख्या में ब्रिजों का निर्माण किया जा रहा है। हालांकि कुछ ब्रिजों के निर्माण पर अंतिम स्वीकृति मिलना शेष है। इनके अलावा कुछ सड़क निर्माण व घाटों के निर्माण अंतर्गत नदी पर छोटी रपट भी बनाई जाएंगी।
सिंहस्थ में आना-जाना होगा आसान
सिंहस्थ के दौरान करीब 30 करोड़ लोगों के आने का अनुमान है। नए ब्रिज बनने से शहरी सीमा में नदी के एक से दूसरे छोर तक आने-जाने के लिए शिप्रा पर औसत 1 किलोमीटर से भी दूरी पर पुल उपलब्ध हो सकेंगे। इसका बड़ा लाभ सिंहस्थ के दौरान क्राउड मैनेजमेंट के रूप में मिलेगा।
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अभी इतने ब्रिज हैं उपलब्ध
शिप्रा नदी पर तपोभूमि से मंगलनाथ मंदिर तक नदी को पार करने के लिए अभी छोटे-बड़े 14 ब्रिज उपलब्ध हैं। नए ब्रिज बनने के बाद नदी को पार करने के लिए करीब 30 पुल और रपट उपलब्ध हो सकेंगी। इसमें से करीब 8 ब्रिज सिंहस्थ-2016 में बनाए गए थे।
शिप्रा पर यहां बन रहे नए ब्रिज
- वीर दुगार्दास छतरी विकास योजना में नदी पर कलात्मक आर्च पर ब्रिज
- अंगारेश्वर महादेव पहुंच मार्ग मंगलनाथ से अंगारेश्वर मंदिर तक ब्रिज- 14.56 करोड़
- लालपुल से चिंतामण गणेश रेलवे स्टेशन से एनएचएआइ 4 लेन मार्ग में शिप्रा नदी पर छोटी रपट।
- एमआर-24 (इंदौर रोड से चिंतामण रेलवे स्टेशन मार्ग तक फोरलेन में शिप्रा नदी पर ब्रिज) 18.71 करोड़ रुपए
- हरिफाटक से रिंग रोड, शिप्रा पर समानांतर उच्च स्तरीय ब्रिज का निर्माण (वाकणकर ब्रिज)- 22.45 करोड़
- पिपलीनाका से भैरवगढ़ मार्ग पर वर्तमान ब्रिज के साथ समानांतर टू लेन ब्रिज-14.52 करोड़ रुपए।
- कर्कराज पार्किंग से भूखी माता मंदिर क्षेत्र तक नया फोरलेन ब्रिज- 23.48 करोड़
- एमआर-4 त्रिवेणी हिल्स कॉलोनी के पीछे ग्राम सिकंदरी की ओर फोरलेन पुल- 24.81 करोड़
- गऊघाट पाले से सावराखेड़ी की ओर फोरलेन ब्रिज- 24.14 करोड़
- तपोभूमि से हामूखेड़ी मार्ग में नदी पर ब्रिज-17.28 करोड़ रुपए
- केडी गेट से गोंसा रोड पर नदी पर फोरलेन ब्रिज - 19.99 करोड़ रुपए
- कार्तिक चौक से शंकराचार्य रोड (छोटा पुल) पर पुल निर्माण- 43.82 करोड़
- लालपुल डाउन स्ट्रीम पर आरओबी के समानांतर नदी पर फोरलेन ब्रिज- 17.32 करोड़ रुपए
- नृसिंह घाट पर ब्रिज के समानांतर ब्रिज- 10.40 करोड़ रुपए।
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सिंहस्थ में उपयोगी साबित होंगे यह कार्य : कलेक्टर
कलेक्टर रौशनकुमार सिंह ने बताया कि वर्तमान में शिप्रा के करीब 8 किलोमीटर लंबे घाटों के साथ 29 किलोमीटर के नए घाट और बन रहे हैं। इससे स्नान के लिए बड़ा स्थान उपलब्ध होगा। सिंहस्थ के दौरान मेला क्षेत्र में बड़ी संख्या में आवागमन होगा। साथ ही श्रद्धालु शहर में देवदर्शन के लिए पहुंचेंगे। इस दृष्टि से यह ब्रिज काफी महत्वपूर्ण व उपयोगी हैं। सिंहस्थ के दौरान इनसे मोबिलिटी आसान होगी और बाद में भी यह उपयोगी साबित होंगे।

सिंहस्थ कार्यों को लेकर प्रशासनिक अधिकारी भी कर रहे निरीक्षण

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