{"_id":"6a0561b881cb153cd005d261","slug":"turmoil-in-international-kinnar-akhada-maa-kali-nand-giri-breaks-ties-with-guru-removed-as-mahamandaleshwar-ujjain-news-c-1-1-noi1228-4280188-2026-05-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ujjain: इंटरनेशनल किन्नर अखाड़े में घमासान, मां काली नंद गिरी ने गुरु से तोड़ा रिश्ता, महामंडलेश्वर पद छीना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ujjain: इंटरनेशनल किन्नर अखाड़े में घमासान, मां काली नंद गिरी ने गुरु से तोड़ा रिश्ता, महामंडलेश्वर पद छीना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
Published by: उज्जैन ब्यूरो
Updated Thu, 14 May 2026 03:41 PM IST
विज्ञापन
सार
इंटरनेशनल किन्नर अखाड़े में दो महीने पहले महामंडलेश्वर बनी मां काली नंद गिरी अब विवादों में घिर गई हैं। गुरु-शिष्य परंपरा तोड़ने के आरोप में उन्हें पद और सदस्यता से हटा दिया गया है।
तेलंगाना की मां काली नंद गिरी और महामंडलेश्वर गुरु सतीनंद गिरी
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
विस्तार
इंटरनेशनल किन्नर अखाड़े में महामंडलेश्वर पद को लेकर विवाद सामने आया है। तेलंगाना की मां काली नंद गिरी ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर अपनी गुरु और अखाड़े की प्रमुख मां सतीनंद गिरी से रिश्ता तोड़ने का ऐलान किया है। इसके जवाब में मां सतीनंद गिरी ने भी वीडियो जारी कर कहा कि मां काली नंद गिरी ने गुरु-शिष्य परंपरा और अखाड़े के नियमों का उल्लंघन किया है, इसलिए उन्हें महामंडलेश्वर पद और अखाड़े की सदस्यता से बर्खास्त कर दिया गया है।
जानकारी के अनुसार मार्च 2026 में उज्जैन में इंटरनेशनल किन्नर अखाड़े की दो दिवसीय बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में देशभर से अखाड़े के पदाधिकारी और सदस्य शामिल हुए थे। बैठक के दौरान विभिन्न मुद्दों पर चर्चा के साथ कुछ लोगों को महामंडलेश्वर की उपाधि भी दी गई थी। इनमें तेलंगाना की मां काली नंद गिरी का नाम भी शामिल था।
ये भी पढ़ें: MP: चलती बस में खलनायक बना सब-इंस्पेक्टर, नागदा जा रही डॉक्टर से की छेड़छाड़; सस्पेंड कर शुरू हुई जांच
बताया जा रहा है कि मां काली नंद गिरी करीब दो महीने तक इंटरनेशनल किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर रहीं। हालांकि अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में उन्होंने कहा कि उनका मां सतीनंद गिरी से कोई संबंध नहीं है। वीडियो में उन्होंने कहा कि वे मेरी गुरु नहीं हैं। उनके गुरु अलग हैं और मेरे गुरु अलग हैं। हमने उनसे रिश्ता तोड़ दिया है और अब हमारा उनसे कोई लेना-देना नहीं है।
मां काली नंद गिरी के इस बयान के बाद अखाड़े में विवाद गहरा गया। इसके बाद मां सतीनंद गिरी ने भी वीडियो जारी कर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मां काली नंद गिरी को दो महीने पहले महामंडलेश्वर बनाया गया था लेकिन उन्होंने गुरु-शिष्य परंपरा का पालन नहीं किया और अखाड़े के नियमों का भी उल्लंघन किया। इसी कारण उन्हें इंटरनेशनल किन्नर अखाड़े से हटा दिया गया है।
मां सतीनंद गिरी ने स्पष्ट किया कि अब मां काली नंद गिरी न तो उनकी शिष्या हैं, न अखाड़े की सदस्य और न ही महामंडलेश्वर। मामले को लेकर धार्मिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
Trending Videos
जानकारी के अनुसार मार्च 2026 में उज्जैन में इंटरनेशनल किन्नर अखाड़े की दो दिवसीय बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में देशभर से अखाड़े के पदाधिकारी और सदस्य शामिल हुए थे। बैठक के दौरान विभिन्न मुद्दों पर चर्चा के साथ कुछ लोगों को महामंडलेश्वर की उपाधि भी दी गई थी। इनमें तेलंगाना की मां काली नंद गिरी का नाम भी शामिल था।
विज्ञापन
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: MP: चलती बस में खलनायक बना सब-इंस्पेक्टर, नागदा जा रही डॉक्टर से की छेड़छाड़; सस्पेंड कर शुरू हुई जांच
बताया जा रहा है कि मां काली नंद गिरी करीब दो महीने तक इंटरनेशनल किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर रहीं। हालांकि अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में उन्होंने कहा कि उनका मां सतीनंद गिरी से कोई संबंध नहीं है। वीडियो में उन्होंने कहा कि वे मेरी गुरु नहीं हैं। उनके गुरु अलग हैं और मेरे गुरु अलग हैं। हमने उनसे रिश्ता तोड़ दिया है और अब हमारा उनसे कोई लेना-देना नहीं है।
मां काली नंद गिरी के इस बयान के बाद अखाड़े में विवाद गहरा गया। इसके बाद मां सतीनंद गिरी ने भी वीडियो जारी कर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मां काली नंद गिरी को दो महीने पहले महामंडलेश्वर बनाया गया था लेकिन उन्होंने गुरु-शिष्य परंपरा का पालन नहीं किया और अखाड़े के नियमों का भी उल्लंघन किया। इसी कारण उन्हें इंटरनेशनल किन्नर अखाड़े से हटा दिया गया है।
मां सतीनंद गिरी ने स्पष्ट किया कि अब मां काली नंद गिरी न तो उनकी शिष्या हैं, न अखाड़े की सदस्य और न ही महामंडलेश्वर। मामले को लेकर धार्मिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।

कमेंट
कमेंट X