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Ujjain News: मंदिरों के सरकारीकरण के विरोध में पुजारियों ने भरी हुंकार, सात सूत्रीय मांगों का सौंपा ज्ञापन
Fri, 10 Jul 2026 11:10 PM IST
उज्जैन ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
Published by: उज्जैन ब्यूरो
Updated Fri, 10 Jul 2026 11:10 PM IST
सार
मंदिरों के सरकारीकरण और मंदिर भूमि की नीलामी के विरोध में उज्जैन में पुजारियों का बड़ा प्रदर्शन देखने को मिला। आंदोलनकारियों ने 'सनातन पुजारी न्याय यात्रा' निकालकर सरकार से सात प्रमुख मांगें पूरी करने की अपील की।
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ऐसे किया गया विरोध
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विस्तार
प्रदेश के लगभग 60 हजार मंदिरों से जुड़े करीब तीन लाख पुजारी परिवार और 12 लाख सनातन धर्मावलंबी इस मुद्दे से प्रभावित हैं। उन्होंने कहा कि मंदिरों की भूमि की नीलामी, पुजारियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलना और अन्य प्रशासनिक समस्याओं को लेकर समाज में असंतोष है।
प्रदर्शन के दौरान कलेक्टर कार्यालय के बाहर बड़ी संख्या में पुजारियों ने सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ भी किया। इसके बाद डिप्टी कलेक्टर सरिता लाल को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों पर कार्रवाई की मांग की।
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पुजारियों ने सरकार के समक्ष सात प्रमुख मांगें रखीं, जिनमें
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प्रदर्शन के दौरान कलेक्टर कार्यालय के बाहर बड़ी संख्या में पुजारियों ने सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ भी किया। इसके बाद डिप्टी कलेक्टर सरिता लाल को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों पर कार्रवाई की मांग की।
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पुजारियों ने सरकार के समक्ष सात प्रमुख मांगें रखीं, जिनमें
- गौ माता को राज्य संरक्षित घोषित किया जाए।
- मंदिरों के सरकारीकरण की प्रक्रिया समाप्त की जाए तथा कलेक्टर को प्रबंधक बनाने की व्यवस्था खत्म की जाए।
- मंदिरों की भूमि की नीलामी पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए।
- मंदिर समितिकरण की व्यवस्था समाप्त की जाए।
- मंदिर भूमि के निस्तारीकरण पर रोक लगाई जाए।
- पुजारियों को नामांतरण, कृषक का दर्जा तथा भू-माफिया से सुरक्षा प्रदान की जाए।
- रियासतकालीन अनुबंधों के अनुसार मंदिरों और देव प्रतिमाओं की कथित रूप से हड़पी गई भूमि वापस दिलाई जाए।
