{"_id":"6a774cabe2bc9ef47607a106","slug":"ujjain-suspense-over-mahakal-sawari-will-shyamu-or-soma-carry-baba-ujjain-news-c-1-1-noi1228-4591622-2026-08-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ujjain: महाकाल की सवारी में इस बार कौन बनेगा अगुवा? श्यामू हाथी अनफिट, सोमा ने दिया ट्रायल; असमंजस में प्रशासन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ujjain: महाकाल की सवारी में इस बार कौन बनेगा अगुवा? श्यामू हाथी अनफिट, सोमा ने दिया ट्रायल; असमंजस में प्रशासन
Sun, 09 Aug 2026 02:49 PM IST
उज्जैन ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
Published by: उज्जैन ब्यूरो
Updated Sun, 09 Aug 2026 02:49 PM IST
सार
महाकाल की शाही सवारी में वर्षों से शामिल श्यामू हाथी को वन विभाग ने अनफिट घोषित किया है। उसकी जगह सोमा हाथी का सवारी मार्ग पर ट्रायल कराया गया। हालांकि, मंदिर समिति ने परंपरा के अनुसार श्यामू के नाम सवारी का निमंत्रण भेजा है, जिससे असमंजस की स्थिति बन गई है।
विज्ञापन
सोमा और श्यामू हाथी
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर से निकलने वाली बाबा महाकाल की दिव्य सवारी को लेकर इस बार एक बड़ा बदलाव और असमंजस की स्थिति देखने को मिल रही है। बरसों से बाबा महाकाल की शाही सवारी की अगवानी करने वाला और भगवान मनमहेश को अपने शीश पर विराजमान कर नगर भ्रमण कराने वाला श्यामू हाथी अब इस परंपरा से बाहर होता नजर आ रहा है। वन विभाग ने श्यामू हाथी को सवारी के लिए अनफिट घोषित कर दिया है, जिसके बाद अब उसकी जगह सोमा हाथी को सवारी में शामिल करने की पूरी तैयारियां कर ली गई हैं।
सोमा हाथी को विशेष निगरानी में सवारी रूट पर घुमाया
वन विभाग की टीम ने सोमा हाथी को लेकर सवारी के पूरे तय मार्ग पर एक विस्तृत और कड़ा रिहर्सल ट्रायल आयोजित किया। इस ट्रायल का मुख्य मकसद यह जांचना था कि क्या सोमा हाथी भीड़भाड़ वाले संवेदनशील इलाकों में चलने के अनुकूल है या नहीं। इस दौरान हाथी के साथ उसके महावत, मालिक और वन विभाग की विशेषज्ञ टीम पूरे संसाधनों के साथ मौजूद रही। ट्रायल के दौरान सवारी जैसा माहौल बनाते हुए जोर-जोर से ढोल-नगाड़े बजाकर देखे गए और अचानक होने वाले धमाकों व शोर-शराबे के बीच हाथी की प्रतिक्रिया को परखा गया। वन विभाग यह सुनिश्चित करना चाहता था कि अत्यधिक शोर में हाथी बेचैन न हो और महावत के पूरे नियंत्रण में रहे।
सावन में खास होती है बाबा महाकाल की सवारी
गौरतलब है कि सावन के पवित्र महीने में बाबा महाकाल की सवारियों का क्रम बेहद खास होता है। पहली सवारी में भगवान महाकाल चंद्रमौलेश्वर के रूप में पालकी में सवार होकर प्रजा का हाल जानने निकलते हैं। इसके बाद दूसरी सवारी से स्वरूपों का क्रम बढ़ता जाता है, जिसमें भगवान मनमहेश हाथी पर और चंद्रमौलेश्वर पालकी में सवार होकर भक्तों को दर्शन देते हैं।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- एमपी के धार में भीषण हादसा: ट्रॉला से भिड़ी ईको वैन; गुजरात के छह लोगों की दर्दनाक मौत
मंदिर समिति के पत्र से बढ़ा असमंजस
हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम के बीच एक बड़ा प्रशासनिक विरोधाभास भी सामने आया है। एक तरफ जहां वन विभाग ने सोमा हाथी का ट्रायल पूरा कर उसे सवारी में उतारने की तैयारी कर ली है, वहीं दूसरी तरफ महाकाल मंदिर प्रबंध समिति ने परंपरा के अनुसार श्यामू हाथी के नाम ही आधिकारिक पत्र जारी कर उसे सवारी में शामिल होने का निमंत्रण भेज दिया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि इस बार की शाही सवारी में वर्षों पुराना साथी श्यामू हाथी ही बाबा महाकाल की अगवानी करेगा या फिर कड़ी अग्निपरीक्षा से गुजर चुका सोमा हाथी महाकाल की नगरी में कदमताल करता दिखाई देगा।
विज्ञापन
सोमा हाथी को विशेष निगरानी में सवारी रूट पर घुमाया
वन विभाग की टीम ने सोमा हाथी को लेकर सवारी के पूरे तय मार्ग पर एक विस्तृत और कड़ा रिहर्सल ट्रायल आयोजित किया। इस ट्रायल का मुख्य मकसद यह जांचना था कि क्या सोमा हाथी भीड़भाड़ वाले संवेदनशील इलाकों में चलने के अनुकूल है या नहीं। इस दौरान हाथी के साथ उसके महावत, मालिक और वन विभाग की विशेषज्ञ टीम पूरे संसाधनों के साथ मौजूद रही। ट्रायल के दौरान सवारी जैसा माहौल बनाते हुए जोर-जोर से ढोल-नगाड़े बजाकर देखे गए और अचानक होने वाले धमाकों व शोर-शराबे के बीच हाथी की प्रतिक्रिया को परखा गया। वन विभाग यह सुनिश्चित करना चाहता था कि अत्यधिक शोर में हाथी बेचैन न हो और महावत के पूरे नियंत्रण में रहे।
विज्ञापन
सावन में खास होती है बाबा महाकाल की सवारी
गौरतलब है कि सावन के पवित्र महीने में बाबा महाकाल की सवारियों का क्रम बेहद खास होता है। पहली सवारी में भगवान महाकाल चंद्रमौलेश्वर के रूप में पालकी में सवार होकर प्रजा का हाल जानने निकलते हैं। इसके बाद दूसरी सवारी से स्वरूपों का क्रम बढ़ता जाता है, जिसमें भगवान मनमहेश हाथी पर और चंद्रमौलेश्वर पालकी में सवार होकर भक्तों को दर्शन देते हैं।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- एमपी के धार में भीषण हादसा: ट्रॉला से भिड़ी ईको वैन; गुजरात के छह लोगों की दर्दनाक मौत
मंदिर समिति के पत्र से बढ़ा असमंजस
हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम के बीच एक बड़ा प्रशासनिक विरोधाभास भी सामने आया है। एक तरफ जहां वन विभाग ने सोमा हाथी का ट्रायल पूरा कर उसे सवारी में उतारने की तैयारी कर ली है, वहीं दूसरी तरफ महाकाल मंदिर प्रबंध समिति ने परंपरा के अनुसार श्यामू हाथी के नाम ही आधिकारिक पत्र जारी कर उसे सवारी में शामिल होने का निमंत्रण भेज दिया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि इस बार की शाही सवारी में वर्षों पुराना साथी श्यामू हाथी ही बाबा महाकाल की अगवानी करेगा या फिर कड़ी अग्निपरीक्षा से गुजर चुका सोमा हाथी महाकाल की नगरी में कदमताल करता दिखाई देगा।
