फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Worked 1 Month After Retirement, No ₹13,000 Pay Even After Collector's Order

Ujjain: रिटायर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता से एक महीने तक कराया काम, मानदेय भी नहीं दिए; अब भी दर-दर भटक रही महिला

Sat, 18 Jul 2026 03:14 PM IST
उज्जैन ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन Published by: उज्जैन ब्यूरो Updated Sat, 18 Jul 2026 03:14 PM IST
सार

उज्जैन में सेवानिवृत्त आंगनवाड़ी कार्यकर्ता उषा वर्मा से एक माह तक काम कराने के बावजूद 13 हजार रुपये का मानदेय नहीं दिया गया। मुख्यमंत्री कार्यालय में शिकायत पर कलेक्टर ने संबंधित सीडीपीओ का वेतन काटने के आदेश दिए, लेकिन भुगतान अब भी लंबित है। 

विज्ञापन
Worked 1 Month After Retirement, No ₹13,000 Pay Even After Collector's Order
पीड़िता - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

महिला एवं बाल विकास विभाग की लापरवाही एक बार फिर सामने आई है। आरोप है कि 28 फरवरी 2026 को सेवानिवृत्त हो चुकी एक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता से 31 मार्च तक बिना मानदेय के काम कराया गया। जब उन्होंने मानदेय की मांग की तो ऑनलाइन सिस्टम ने भुगतान से इनकार कर दिया। मुख्यमंत्री कार्यालय में शिकायत के बाद कलेक्टर ने संबंधित सीडीपीओ (CDPO) का वेतन काटकर भुगतान करने के आदेश दिए, लेकिन एक सप्ताह बीतने के बाद भी पीड़ित कार्यकर्ता को राशि नहीं मिली।

विज्ञापन


मामला उज्जैन ग्रामीण परियोजना के ग्राम नलवा का है। यहां पदस्थ आंगनवाड़ी कार्यकर्ता उषा वर्मा 28 फरवरी 2026 को सेवानिवृत्त हो गई थीं। नियमानुसार 1 मार्च से उन्हें आंगनवाड़ी केंद्र पर कार्य नहीं करना था। आरोप है कि उज्जैन ग्रामीण की सीडीपीओ नीलम सेठिया ने उनसे 31 मार्च तक लगातार ड्यूटी करवाई। अधिकारी के निर्देश पर उषा वर्मा काम करती रहीं, लेकिन जब करीब 13 हजार रुपये मानदेय देने की बारी आई तो ऑनलाइन पोर्टल में उन्हें सेवानिवृत्त दर्शाते हुए भुगतान रोक दिया गया।
विज्ञापन


अपना हक पाने के लिए उषा वर्मा ने मुख्यमंत्री कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के बाद कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने मामले को गंभीरता से लिया। टीएल बैठक में उन्होंने जिला कार्यक्रम अधिकारी बृजेश त्रिपाठी को फटकार लगाई और 13 जुलाई 2026 को संबंधित सीडीपीओ नीलम सेठिया का वेतन काटकर उषा वर्मा को मानदेय देने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
विज्ञापन


पढ़ें: एमपी में हद हो गई: दो साल से जेल में बंद शिक्षक का नाम ट्रेनिंग सूची में, बीईओ के हस्ताक्षर से खुली पोल; जानें

हालांकि, उषा वर्मा का कहना है कि कलेक्टर के आदेश के करीब एक सप्ताह बाद भी उन्हें 13 हजार रुपये का मानदेय नहीं मिला है। उनका कहना है, "मुख्यमंत्री कार्यालय में शिकायत की, कलेक्टर साहब ने तुरंत आदेश भी दे दिया, लेकिन एक सप्ताह बीत गया। न सीडीपीओ का वेतन कटा और न ही मुझे मानदेय मिला। आखिर न्याय कब मिलेगा? कलेक्टर के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद भुगतान में हो रही देरी ने महिला एवं बाल विकास विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि आखिर विभाग कलेक्टर के आदेश के बाद भी भुगतान में देरी क्यों कर रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed