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एमपी में शिकारियों की क्रूरता: बिजली लाइन से बुना था बाघिन के शिकार का जाल, पांच आरोपी पकडे़ गए; खुलेंगे राज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उमरिया
Published by: उमरिया ब्यूरो
Updated Sat, 11 Apr 2026 09:55 AM IST
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सार
उमरिया में बीते दिन एक बाघिन की मौत मामले में बड़ी कार्रवाई की गई है। पुलिस ने पांच आरोपियों को गिफ्तार किया है। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया। छह दिन की कोर्ट से रिमांड ली गई है। अब जल्द कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
उमरिया में बाघिन के शिकार मामले में पांच आरोपी गिरफ्तार।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
उमरिया के वन विकास निगम के चंदिया परिक्षेत्र में बाघिन की मौत के मामले ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। इस सनसनीखेज घटना में वन विभाग ने तेजी दिखाते हुए बड़ी कार्रवाई की। साथ ही शिकार से जुड़े पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। शुक्रवार को सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें पुलिस अभिरक्षा में भेज दिया गया। मामले की तह तक पहुंचने के लिए आरोपियों की छह दिन की रिमांड मंजूर की गई है। इस मामले में जो जानकारी सामने आ रही है, उसके मुताबिक सुनियोजित तरीके से बाघिन का शिकार किया गया था।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में राजेश उर्फ बउरा बैगा (40), नत्थू बैगा (30) पुरुषोत्तम बैगा (48) और संजय बैगा (30) ग्राम मझगवां के निवासी हैं, जबकि अल्लू कोल (50 ) ग्राम चंदौल का रहने वाला बताया जा रहा है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह कोई सामान्य शिकार नहीं, बल्कि सुनियोजित तरीके से किया गया अपराध है।
शिकारियों ने 11 केवी बिजली लाइन को ही मौत का जाल बना दिया था
दरअसल, शिकारियों ने 11 केवी बिजली लाइन को ही मौत का जाल बना दिया था। मुख्यालय से सटे छिंदिया टोला क्षेत्र में, बीट चंदिया अंतर्गत मझगवां मार्ग के पास विद्युत लाइन में जीआई तार फंसाकर उसमें करंट प्रवाहित किया गया था। यह पूरा इलाका वन्यजीवों के आवागमन का प्रमुख रास्ता माना जाता है। जैसे ही बाघिन इस रास्ते से गुजरी, वह हाई वोल्टेज करंट की चपेट में आ गई। इस दौरान मौके पर ही उसकी दर्दनाक मौत हो गई।
ये भी पढ़ें- MP Weather Today: एमपी में मौसम ने बदली करवट, बारिश और आंधी के बाद अब गर्मी की आहट; पांच डिग्री तक चढ़ा पारा
जांच के बाद आरोपियों को दबोच लिया गया। आरोपियों के खिलाफ वन अपराध प्रकरण क्रमांक 015/38 दर्ज कर लिया गया है। साथ ही, मामले की गंभीरता को देखते हुए विद्युत विभाग को भी पत्र लिखा गया है, ताकि भारतीय विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 138 और 139 के तहत भी सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
'टाइगर स्टेट' के ताज के लिए यह गंभीर संकट
इस घटना ने एक बार फिर वन्यजीवों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि करंट से शिकार करने का यह खतरनाक तरीका अब तेजी से बढ़ रहा है। हाल के महीनों में कई बाघ और अन्य वन्यजीव इस तरह के अवैध करंट जाल का शिकार हो चुके हैं। इतना ही नहीं, कई मामलों में इंसानी जानें भी इस जानलेवा तरीके की भेंट चढ़ चुकी हैं।
अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि रिमांड के दौरान इस गिरोह से और कौन-कौन से राज सामने आते हैं। क्या यह सिर्फ पांच लोगों का मामला है? या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है। जांच के बाद कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आ सकते हैं। यदि मध्य प्रदेश में वन्यजीवों और बाघ-बाघिन का ऐसे ही शिकार होता रहा तो 'टाइगर स्टेट' के ताज के लिए यह गंभीर संकट बन सकता है। ऐसे में वनों के निगरानी तंत्र पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
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गिरफ्तार किए गए आरोपियों में राजेश उर्फ बउरा बैगा (40), नत्थू बैगा (30) पुरुषोत्तम बैगा (48) और संजय बैगा (30) ग्राम मझगवां के निवासी हैं, जबकि अल्लू कोल (50 ) ग्राम चंदौल का रहने वाला बताया जा रहा है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह कोई सामान्य शिकार नहीं, बल्कि सुनियोजित तरीके से किया गया अपराध है।
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शिकारियों ने 11 केवी बिजली लाइन को ही मौत का जाल बना दिया था
दरअसल, शिकारियों ने 11 केवी बिजली लाइन को ही मौत का जाल बना दिया था। मुख्यालय से सटे छिंदिया टोला क्षेत्र में, बीट चंदिया अंतर्गत मझगवां मार्ग के पास विद्युत लाइन में जीआई तार फंसाकर उसमें करंट प्रवाहित किया गया था। यह पूरा इलाका वन्यजीवों के आवागमन का प्रमुख रास्ता माना जाता है। जैसे ही बाघिन इस रास्ते से गुजरी, वह हाई वोल्टेज करंट की चपेट में आ गई। इस दौरान मौके पर ही उसकी दर्दनाक मौत हो गई।
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जांच के बाद आरोपियों को दबोच लिया गया। आरोपियों के खिलाफ वन अपराध प्रकरण क्रमांक 015/38 दर्ज कर लिया गया है। साथ ही, मामले की गंभीरता को देखते हुए विद्युत विभाग को भी पत्र लिखा गया है, ताकि भारतीय विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 138 और 139 के तहत भी सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
'टाइगर स्टेट' के ताज के लिए यह गंभीर संकट
इस घटना ने एक बार फिर वन्यजीवों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि करंट से शिकार करने का यह खतरनाक तरीका अब तेजी से बढ़ रहा है। हाल के महीनों में कई बाघ और अन्य वन्यजीव इस तरह के अवैध करंट जाल का शिकार हो चुके हैं। इतना ही नहीं, कई मामलों में इंसानी जानें भी इस जानलेवा तरीके की भेंट चढ़ चुकी हैं।
अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि रिमांड के दौरान इस गिरोह से और कौन-कौन से राज सामने आते हैं। क्या यह सिर्फ पांच लोगों का मामला है? या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है। जांच के बाद कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आ सकते हैं। यदि मध्य प्रदेश में वन्यजीवों और बाघ-बाघिन का ऐसे ही शिकार होता रहा तो 'टाइगर स्टेट' के ताज के लिए यह गंभीर संकट बन सकता है। ऐसे में वनों के निगरानी तंत्र पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

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