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MP: कुत्तों के ऑर्गन का खेल बेनकाब, मंडला में नसबंदी घोटाले की साजिश उजागर; 700 से संदिग्ध अंग बरामद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मंडला
Published by: मंडला ब्यूरो
Updated Sat, 11 Apr 2026 10:31 AM IST
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सार
मंडला में आवारा कुत्तों की नसबंदी के नाम पर बड़े घोटाले की आशंका सामने आई है। बिंझिया क्षेत्र में एक मकान से कुत्तों के 700अंग बरामद होने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया है। चलिए बता रहे हैं कि ये मामला कैसे सबके सामने आया है?
मंडला में कुत्तों के ऑर्गन कांड का खुलासा।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मंडला जिले में आवारा कुत्तों की नसबंदी के नाम पर एक बड़े घोटाले की आशंका ने हड़कंप मचा दिया है। बिंझिया की शारदा कॉलोनी स्थित एक मकान से कुत्तों के सैकड़ों अंग बरामद होने के बाद मामला गंभीर हो गया है।
छापेमारी में 500 मेल और 200 फीमेल ऑर्गन जब्त
पशु प्रेमी निशा ठाकुर की शिकायत पर नगर पालिका, पशु चिकित्सा विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने छापा मारकर करीब 500 मेल और 200 फीमेल ऑर्गन जब्त किए। ये सभी अंग फॉर्मलीन में संरक्षित पाए गए, जिससे मामले में गड़बड़ी की आशंका और गहरी हो गई है।
इस कंपनी को मिली था नसबंदी का टेंडर
जानकारी के अनुसार, यह मकान निशा सिंह का है, जिसे मां नर्मदा इंटरप्राइजेज, जबलपुर को अस्थायी शेल्टर के रूप में दिया गया था। इसी संस्था को नगर पालिका द्वारा आवारा कुत्तों की नसबंदी का टेंडर मिला था, लेकिन तय समय में काम शुरू नहीं किया गया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि बाहर से कुत्तों के अंग लाकर जमा किए गए थे, ताकि बिना वास्तविक नसबंदी कार्य किए ही भुगतान लिया जा सके। इस मामले की शिकायत पहले ही पुलिस और जनसुनवाई में की जा चुकी थी।
ये भी पढ़ें- एमपी में शिकारियों की क्रूरता: बिजली लाइन से बुना था बाघिन के शिकार का जाल, पांच आरोपी पकडे़ गए; खुलेंगे राज
दो अप्रैल को टेंडर निरस्त कर दिया गया
नगर पालिका अधिकारी गजानन नाफड़े ने बताया कि लापरवाही के चलते दो अप्रैल को टेंडर निरस्त कर दिया गया। ईएमडी जब्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। वहीं, पशुपालन विभाग के अनुसार नसबंदी के बाद निकाले गए अंगों के निपटान की तय प्रक्रिया होती है, ऐसे में इतनी बड़ी मात्रा में अंगों का संग्रह गंभीर सवाल खड़े करता है। फिलहाल पुलिस को मामले की जांच सौंपी गई है। शुरुआती तौर पर इसे बड़े घोटाले की साजिश माना जा रहा है, जिसका समय रहते खुलासा हो गया।
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छापेमारी में 500 मेल और 200 फीमेल ऑर्गन जब्त
पशु प्रेमी निशा ठाकुर की शिकायत पर नगर पालिका, पशु चिकित्सा विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने छापा मारकर करीब 500 मेल और 200 फीमेल ऑर्गन जब्त किए। ये सभी अंग फॉर्मलीन में संरक्षित पाए गए, जिससे मामले में गड़बड़ी की आशंका और गहरी हो गई है।
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इस कंपनी को मिली था नसबंदी का टेंडर
जानकारी के अनुसार, यह मकान निशा सिंह का है, जिसे मां नर्मदा इंटरप्राइजेज, जबलपुर को अस्थायी शेल्टर के रूप में दिया गया था। इसी संस्था को नगर पालिका द्वारा आवारा कुत्तों की नसबंदी का टेंडर मिला था, लेकिन तय समय में काम शुरू नहीं किया गया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि बाहर से कुत्तों के अंग लाकर जमा किए गए थे, ताकि बिना वास्तविक नसबंदी कार्य किए ही भुगतान लिया जा सके। इस मामले की शिकायत पहले ही पुलिस और जनसुनवाई में की जा चुकी थी।
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दो अप्रैल को टेंडर निरस्त कर दिया गया
नगर पालिका अधिकारी गजानन नाफड़े ने बताया कि लापरवाही के चलते दो अप्रैल को टेंडर निरस्त कर दिया गया। ईएमडी जब्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। वहीं, पशुपालन विभाग के अनुसार नसबंदी के बाद निकाले गए अंगों के निपटान की तय प्रक्रिया होती है, ऐसे में इतनी बड़ी मात्रा में अंगों का संग्रह गंभीर सवाल खड़े करता है। फिलहाल पुलिस को मामले की जांच सौंपी गई है। शुरुआती तौर पर इसे बड़े घोटाले की साजिश माना जा रहा है, जिसका समय रहते खुलासा हो गया।

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