{"_id":"6985e3a008872e675e0d22a4","slug":"cement-scam-rs147-lakh-fraud-via-google-search-umaria-news-c-1-1-noi1225-3921912-2026-02-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Umaria News: गूगल पर डीलर ढूंढना पड़ा भारी, सीमेंट के नाम पर 1.47 लाख की ठगी, चंदिया थाने में मामला दर्ज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Umaria News: गूगल पर डीलर ढूंढना पड़ा भारी, सीमेंट के नाम पर 1.47 लाख की ठगी, चंदिया थाने में मामला दर्ज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उमरिया
Published by: उमरिया ब्यूरो
Updated Fri, 06 Feb 2026 09:54 PM IST
विज्ञापन
सार
चंदिया थाना क्षेत्र में उद्योगपति से साइबर ठगी का मामला सामने आया। गूगल पर सीमेंट डीलर सर्च करने पर फर्जी सप्लायर ने भरोसा जीतकर 1.47 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए। भुगतान के बाद न सीमेंट मिली, न संपर्क। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
चंदिया थाना फोटो
विज्ञापन
विस्तार
जिले के चंदिया थाना क्षेत्र से एक रोचक लेकिन गंभीर साइबर ठगी का मामला सामने आया है, जहां गूगल पर सप्लायर सर्च करना एक उद्योगपति को भारी पड़ गया। सीमेंट खरीदने के लिए की गई ऑनलाइन तलाश ने उन्हें सीधे ठगों के जाल में फंसा दिया और देखते ही देखते 1 लाख 47 हजार 200 रुपये खाते से गायब हो गए।
Trending Videos
मामले में फरियादी राजकुमार यादव पिता मीरसिंह यादव, उम्र 51 वर्ष, वर्तमान निवासी बी-718 सुशांत लोक, गुरुग्राम (हरियाणा) हैं। फरियादी उमरिया जिले के चंदिया थाना अंतर्गत ग्राम राघौपुर ददरा में संचालित दयाल स्टोन क्रेशर प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े हुए हैं। क्रेशर संचालन के लिए उन्हें सीमेंट की आवश्यकता थी। सीमेंट की जरूरत को पूरा करने के लिए फरियादी ने गूगल पर अंबुजा सीमेंट डीलर सर्च किया। सर्च के दौरान उन्हें एक मोबाइल नंबर मिला, जिस पर संपर्क करने पर सामने वाले व्यक्ति ने खुद को सीमेंट सप्लायर बताया। बातचीत में भरोसा दिलाया गया कि तय समय पर सीमेंट की सप्लाई कर दी जाएगी और रेट भी बाजार से उचित बताए गए।
विज्ञापन
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- पांच रुपये के नोट के बदले 19 लाख के झांसे में फंसा किसान, गंवाए 1.65 लाख, जानें मामला
फोन पर सौदा तय होने के बाद कथित डीलर ने फरियादी को एक बिल भेजा, जिसे देखकर मामला पूरी तरह वैध प्रतीत हुआ। बिल मिलने के बाद फरियादी ने बैंक के माध्यम से 1,47,200 रुपये संबंधित खाते में ट्रांसफर कर दिए। पैसे ट्रांसफर होते ही फरियादी को भरोसा था कि जल्द ही सीमेंट की खेप पहुंच जाएगी। लेकिन यहीं से कहानी ने मोड़ ले लिया। भुगतान के बाद कई दिन बीत गए, न तो सीमेंट पहुंची और न ही सप्लायर का कोई ठोस जवाब मिला। बार-बार संपर्क करने पर फोन बंद आने लगा या फिर टालमटोल की जाने लगी। जब काफी इंतजार के बाद भी सीमेंट नहीं आई, तब फरियादी को ठगी का अहसास हुआ।
इसके बाद राजकुमार यादव ने चंदिया थाना पहुंचकर पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई। थाना प्रभारी जेएस परस्ती ने बताया कि फरियादी की शिकायत पर अपराध क्रमांक 37/26 दर्ज कर लिया गया है। प्रकरण भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 319(2) और 318(4) के तहत कायम किया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और संबंधित बैंक खातों, मोबाइल नंबरों तथा डिजिटल ट्रांजैक्शन की जानकारी जुटाई जा रही है। प्रथम दृष्टया यह मामला ऑनलाइन ठगी का प्रतीत हो रहा है, जिसमें फर्जी डीलर बनकर ठगों ने भरोसा जीतकर रकम हड़प ली।

कमेंट
कमेंट X