Umaria News: झाड़फूंक के शक में बुजुर्ग की हत्या, डेढ़ महीने बाद पुलिस ने सुलझाई अंधे कत्ल की गुत्थी, तीन धराए
कोतवाली क्षेत्र के मन्नू सिंह हत्याकांड का खुलासा हुआ। अंधविश्वास और रंजिश में तीन आरोपियों ने झाड़-फूंक के बहाने बुलाकर डंडों से हमला कर गला घोंटकर हत्या की। शव नाले किनारे छिपाया गया। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर मामला दर्ज किया।
विस्तार
कोतवाली थाना क्षेत्र में करीब डेढ़ महीने पहले हुए 60 वर्षीय मन्नू सिंह हत्याकांड का आखिरकार खुलासा हो गया है। जो मामला शुरुआत में एक रहस्यमयी मौत लग रहा था, वह अब अंधविश्वास, शक और पुरानी रंजिश से जुड़ी सुनियोजित हत्या के रूप में सामने आया है। पुलिस ने इस अंधे कत्ल को सुलझाते हुए गांव के ही तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
जानकारी के अनुसार, ग्राम पठारी कला के मरदर निवासी मन्नू सिंह का शव 20 मार्च को उनके खेत के पास बंधवा नाला किनारे कंबल से ढंका हुआ मिला था। शव की हालत बेहद खराब थी और घटनास्थल पर खून के निशान, खून से सना पत्थर और मिट्टी इस ओर इशारा कर रहे थे कि यह सामान्य मौत नहीं, बल्कि हत्या है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी यह स्पष्ट हो गया कि गला घोंटकर और किसी भोंथरी वस्तु से वार कर उनकी हत्या की गई थी।
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मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने हर पहलू पर जांच शुरू की। मुखबिर की सूचना, तकनीकी साक्ष्य और संदिग्ध लोगों से लगातार पूछताछ के आधार पर पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले। जांच के दौरान जो सच सामने आया, वह चौंकाने वाला था। इस हत्या में गांव के ही तीन लोग- विनोद सिंह, दीनदयाल सिंह और मनोज सिंह शामिल पाए गए।
पुलिस के अनुसार, 18 मार्च की शाम तीनों आरोपियों ने झाड़-फूंक के बहाने मन्नू सिंह को खेत में बुलाया था। पहले से बनाई गई योजना के तहत उन्होंने मौका मिलते ही डंडों से हमला किया और फिर गला दबाकर उनकी हत्या कर दी। हत्या के बाद सबूत छिपाने के लिए शव को नाले के किनारे कंबल से ढककर छोड़ दिया गया, ताकि मामला सामान्य या संदिग्ध मौत जैसा लगे। जांच में यह भी सामने आया कि इस हत्या की जड़ में गहरा अंधविश्वास और व्यक्तिगत रंजिश थी। आरोपियों को शक था कि मन्नू सिंह जादू-टोना करते थे और उनके परिवार को नुकसान पहुंचा रहे थे। वहीं एक आरोपी निजी द्वेष और पेशेगत प्रतिस्पर्धा के कारण इस साजिश में शामिल हुआ।
पुलिस अधीक्षक विजय भागवानी के निर्देशन में और एसडीओपी पी.एस. परस्ते के नेतृत्व में कोतवाली थाना प्रभारी मदन लाल मरावी की टीम ने लगातार मेहनत कर इस मामले को सुलझाया। सख्त पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के दबाव में तीनों आरोपी टूट गए और उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया। फिलहाल पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर भारतीय न्याय संहिता 2023 की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि अंधविश्वास और बेबुनियाद शक किस तरह इंसान को हैवानियत की हद तक ले जा सकता है।

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