मध्यप्रदेश के रीवा एयरपोर्ट पर एक बार फिर व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस बार मामला सिर्फ एक यात्री की परेशानी का नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की कार्यप्रणाली पर उठते भरोसे का है। अमरपाटन की एक युवती द्वारा लगाए गए आरोपों ने एयरलाइन मैनेजमेंट और एयरपोर्ट प्रशासन दोनों को कठघरे में खड़ा कर दिया है।
युवती का कहना है कि उसने Alliance Air की फ्लाइट के लिए वैध टिकट बुक किया था और तय समय से करीब दो घंटे पहले एयरपोर्ट पहुंच गई थी लेकिन बोर्डिंग के समय उसे यह कहकर रोक दिया गया कि उसके नाम से कोई टिकट सिस्टम में दर्ज ही नहीं है। सवाल यह उठता है कि आखिर टिकट बुकिंग के बाद भी यात्री का नाम गायब कैसे हो सकता है?
युवती का यह आरोप कि जिस फ्लाइट के लिए 72 सीटों की बुकिंग की गई थी, उसकी जगह अचानक 48 सीटों वाला छोटा विमान भेज दिया गया। इससे कई यात्रियों को अंतिम समय पर यात्रा से वंचित होना पड़ा। यह केवल तकनीकी चूक नहीं, बल्कि यात्रियों के साथ सीधा अन्याय माना जा रहा है।
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एयरपोर्ट पर मौजूद अन्य यात्रियों ने भी इस अव्यवस्था पर नाराजगी जताई। उनका कहना है कि न तो समय पर कोई स्पष्ट सूचना दी गई और न ही वैकल्पिक व्यवस्था की गई। ऐसे में यात्रियों को मानसिक तनाव और आर्थिक नुकसान दोनों झेलना पड़ा।
युवती द्वारा जारी किया गया वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे यह मुद्दा अब स्थानीय नहीं, बल्कि व्यापक चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि अब तक एयरलाइन या एयरपोर्ट प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
यह घटना केवल एक शिकायत नहीं बल्कि छोटे शहरों के एयरपोर्ट्स पर लगातार सामने आ रही व्यवस्थागत खामियों का आईना है। अब देखना होगा कि जिम्मेदार एजेंसियां इस मामले को कितनी गंभीरता से लेती हैं और यात्रियों का भरोसा बहाल करने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।