{"_id":"69f2362a7f622b64280fdc00","slug":"mystery-death-of-female-elephant-gayatri-in-bandhavgarh-raises-anthrax-concerns-umaria-news-c-1-1-noi1225-4225271-2026-04-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Umaria News: बांधवगढ़ में गायत्री की रहस्यमयी मौत, एन्थ्रेक्स की आशंका से क्यों मचा है हड़कंप? वन विभाग सतर्क","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Umaria News: बांधवगढ़ में गायत्री की रहस्यमयी मौत, एन्थ्रेक्स की आशंका से क्यों मचा है हड़कंप? वन विभाग सतर्क
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उमरिया
Published by: उमरिया ब्यूरो
Updated Thu, 30 Apr 2026 02:17 PM IST
विज्ञापन
सार
बांधवगढ़ टाइगर रिज़र्व में मादा हाथी “गायत्री” की संदिग्ध मौत से हड़कंप मच गया है। शुरुआती जांच में खतरनाक एन्थ्रेक्स संक्रमण की आशंका जताई जा रही है, जिसके बाद वन विभाग सतर्क हो गया है। पढ़ें पूरी खबर
बांधवगढ़ में गायत्री की रहस्यमयी मौत से उठे सवाल।
विज्ञापन
विस्तार
उमरिया स्थित बांधवगढ़ टाइगर रिज़र्व से एक चिंताजनक खबर सामने आई है, जहां साढ़े चार वर्षीय मादा कैंप हाथी “गायत्री” की अचानक मृत्यु ने वन विभाग और वन्यजीव प्रेमियों को झकझोर दिया है। पहली नजर में यह एक सामान्य मौत नहीं लग रही, बल्कि इसके पीछे गंभीर संक्रमण की आशंका जताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, गायत्री की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी थी। उसे दस्त डायरिया की समस्या हुई, जिसके बाद हालात और गंभीर हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, मृत्यु से पहले उसके मल द्वार से खून का बहाव भी देखा गया, जिसने चिकित्सकों को सतर्क कर दिया। यह लक्षण किसी सामान्य बीमारी के नहीं माने जा रहे।
एन्थ्रेक्स एक खतरनाक संक्रामक बीमारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए जबलपुर से विशेषज्ञ वन्य जीव चिकित्सकों की टीम को तत्काल बुलाया गया। टीम ने बांधवगढ़ के स्थानीय पशु चिकित्सकों के साथ मिलकर जांच की। शुरुआती रिपोर्ट में इस घटना को संभावित एन्थ्रेक्स संक्रमण से जुड़ा माना जा रहा है। एन्थ्रेक्स एक खतरनाक संक्रामक बीमारी है, जो जानवरों से इंसानों तक फैल सकती है, इसलिए इसे बेहद संवेदनशीलता से लिया जा रहा है।
दाह संस्कार में रखा गया विशेष ध्यान
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए वन विभाग ने कोई जोखिम नहीं लिया। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के प्रोजेक्ट एलीफेंट प्रभाग द्वारा जारी मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का सख्ती से पालन किया गया। संक्रमण फैलने की आशंका को देखते हुए गायत्री के शव का वैज्ञानिक तरीके से सुरक्षित दाह संस्कार किया गया, ताकि किसी भी तरह का खतरा आसपास के वन्यजीवों या इंसानों तक न पहुंचे।
इस पूरी प्रक्रिया के दौरान वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) के प्रतिनिधि, स्थानीय जनप्रतिनिधि और गैर-सरकारी संगठनों के सदस्य मौजूद रहे। यह सुनिश्चित किया गया कि हर कदम SOP के अनुसार उठाया जाए और किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो।
ये भी पढ़ें- MP: डिवाइडर के बाद स्कॉर्पियों से जा भिड़ी 50 मजदूरों से भरी पिकअप, 16 लोगों की मौत व 15 घायल; देखें तस्वीरें
पशु चिकित्सा विभाग को भी अलर्ट कर दिया गया
साथ ही एहतियात के तौर पर उमरिया जिले के स्वास्थ्य और पशु चिकित्सा विभाग को भी अलर्ट कर दिया गया है। वन्यजीवों और पशुओं के संपर्क में आने वाले लोगों के लिए टीकाकरण और आवश्यक सावधानियों के निर्देश जारी किए गए हैं। हालांकि अभी अंतिम पुष्टि पोस्टमार्टम और लैब रिपोर्ट के बाद ही होगी, लेकिन एन्थ्रेक्स की आशंका ने पूरे इलाके में चिंता बढ़ा दी है। फिलहाल वन विभाग हालात पर नजर बनाए हुए है और हर जरूरी कदम उठाया जा रहा है, ताकि यह घटना किसी बड़े खतरे में न बदल जाए।
Trending Videos
जानकारी के अनुसार, गायत्री की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी थी। उसे दस्त डायरिया की समस्या हुई, जिसके बाद हालात और गंभीर हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, मृत्यु से पहले उसके मल द्वार से खून का बहाव भी देखा गया, जिसने चिकित्सकों को सतर्क कर दिया। यह लक्षण किसी सामान्य बीमारी के नहीं माने जा रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
एन्थ्रेक्स एक खतरनाक संक्रामक बीमारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए जबलपुर से विशेषज्ञ वन्य जीव चिकित्सकों की टीम को तत्काल बुलाया गया। टीम ने बांधवगढ़ के स्थानीय पशु चिकित्सकों के साथ मिलकर जांच की। शुरुआती रिपोर्ट में इस घटना को संभावित एन्थ्रेक्स संक्रमण से जुड़ा माना जा रहा है। एन्थ्रेक्स एक खतरनाक संक्रामक बीमारी है, जो जानवरों से इंसानों तक फैल सकती है, इसलिए इसे बेहद संवेदनशीलता से लिया जा रहा है।
दाह संस्कार में रखा गया विशेष ध्यान
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए वन विभाग ने कोई जोखिम नहीं लिया। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के प्रोजेक्ट एलीफेंट प्रभाग द्वारा जारी मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का सख्ती से पालन किया गया। संक्रमण फैलने की आशंका को देखते हुए गायत्री के शव का वैज्ञानिक तरीके से सुरक्षित दाह संस्कार किया गया, ताकि किसी भी तरह का खतरा आसपास के वन्यजीवों या इंसानों तक न पहुंचे।
इस पूरी प्रक्रिया के दौरान वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) के प्रतिनिधि, स्थानीय जनप्रतिनिधि और गैर-सरकारी संगठनों के सदस्य मौजूद रहे। यह सुनिश्चित किया गया कि हर कदम SOP के अनुसार उठाया जाए और किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो।
ये भी पढ़ें- MP: डिवाइडर के बाद स्कॉर्पियों से जा भिड़ी 50 मजदूरों से भरी पिकअप, 16 लोगों की मौत व 15 घायल; देखें तस्वीरें
पशु चिकित्सा विभाग को भी अलर्ट कर दिया गया
साथ ही एहतियात के तौर पर उमरिया जिले के स्वास्थ्य और पशु चिकित्सा विभाग को भी अलर्ट कर दिया गया है। वन्यजीवों और पशुओं के संपर्क में आने वाले लोगों के लिए टीकाकरण और आवश्यक सावधानियों के निर्देश जारी किए गए हैं। हालांकि अभी अंतिम पुष्टि पोस्टमार्टम और लैब रिपोर्ट के बाद ही होगी, लेकिन एन्थ्रेक्स की आशंका ने पूरे इलाके में चिंता बढ़ा दी है। फिलहाल वन विभाग हालात पर नजर बनाए हुए है और हर जरूरी कदम उठाया जा रहा है, ताकि यह घटना किसी बड़े खतरे में न बदल जाए।

बांधवगढ़ में गायत्री की रहस्यमयी मौत, दाह संस्कार के दौरान की तस्वीर।

कमेंट
कमेंट X