Umaria News: मानसूनी गश्त में मिला रहस्यमयी कंकाल, जताई जा रही बाघ का होने की आशंका, जांच के बाद होगा खुलासा
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में मानसूनी गश्त के दौरान मांसाहारी वन्यजीव का कंकाल मिला, जिसे प्रारंभिक जांच में बाघ का माना गया। NTCA प्रोटोकॉल के तहत जांच, नमूना संग्रह और दस्तावेजीकरण के बाद कंकाल का अंतिम संस्कार किया गया। अब वैज्ञानिक रिपोर्ट से ही प्रजाति और लिंग की अंतिम पुष्टि होगी।
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बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में मानसून के दौरान चल रही विशेष गश्त के बीच वन विभाग को एक ऐसी सूचना मिली जिसने पूरे अमले को सतर्क कर दिया। ताला परिक्षेत्र के मझखेता बीट के घने और दुर्गम जंगल में गश्त कर रही टीम को एक मांसाहारी वन्यप्राणी का कंकाल मिला। प्रारंभिक जांच में वन्यजीव विशेषज्ञों ने इसे बाघ का कंकाल होने की आशंका जताई, जिसके बाद पूरे मामले में राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) के दिशा-निर्देशों के अनुसार कार्रवाई शुरू की गई।
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 9 जुलाई को मानसूनी गश्त के दौरान यह कंकाल मिला। सूचना मिलते ही क्षेत्र संचालक, उप संचालक, वन्यप्राणी स्वास्थ्य अधिकारी तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचे। घटनास्थल की बारीकी से जांच की गई। किसी भी तरह के भौतिक साक्ष्य छूट न जाएं, इसके लिए डॉग स्क्वाड की मदद से आसपास का क्षेत्र खंगाला गया। वहीं मेटल डिटेक्टर से भी जांच कर संभावित साक्ष्यों की तलाश की गई।
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वन्यप्राणी स्वास्थ्य अधिकारी ने मौके पर निरीक्षण के बाद प्रथम दृष्टया इसे बाघ का कंकाल होने की संभावना व्यक्त की। हालांकि प्रजाति और लिंग की अंतिम पुष्टि वैज्ञानिक परीक्षण के बाद ही संभव होगी। समयाभाव और आवश्यक कानूनी औपचारिकताओं के चलते 9 जुलाई को पोस्टमार्टम और अंतिम प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी।
इसके बाद 10 जुलाई को वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में NTCA के निर्धारित मानकों और प्रोटोकॉल का पालन करते हुए कंकाल का विधिवत परीक्षण किया गया। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के वन्यजीव स्वास्थ्य अधिकारी और ताला के सहायक पशु चिकित्सा शल्यज्ञ ने संयुक्त रूप से जांच की। इस दौरान प्रजाति और लिंग की पुष्टि के लिए आवश्यक जैविक नमूने एकत्र किए गए। साथ ही पूरे घटनाक्रम का दस्तावेजीकरण और साक्ष्य संकलन भी किया गया। सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद निर्धारित नियमों के तहत कंकाल का अग्नि दहन कर विनष्टीकरण किया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पूरी कार्रवाई राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के दिशा-निर्देशों और विधिक प्रावधानों के अनुरूप संपन्न की गई है।
फिलहाल वन विभाग वैज्ञानिक परीक्षण की रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मिला हुआ कंकाल वास्तव में बाघ का है या किसी अन्य मांसाहारी वन्यजीव का। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में मानसून के दौरान जारी विशेष गश्त का उद्देश्य वन्यजीवों की सुरक्षा, अवैध गतिविधियों पर निगरानी और जंगलों की सतत निगरानी सुनिश्चित करना है। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि संरक्षित क्षेत्रों में नियमित निगरानी और वैज्ञानिक जांच वन्यजीव संरक्षण के लिए कितनी महत्वपूर्ण है।

मानसूनी गश्त में मिला रहस्यमयी कंकाल

मानसूनी गश्त में मिला रहस्यमयी कंकाल
