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Vidisha News: नौकरी के नाम पर ठगी करने वालों पर कड़ा प्रहार, कोर्ट ने सुनाई सात-सात साल की सजा

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, विदिशा Published by: विदिशा ब्यूरो Updated Sat, 25 Apr 2026 05:01 PM IST
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सार

विदिशा में नौकरी दिलाने के नाम पर युवाओं से लाखों की ठगी करने वाले दो आरोपियों को अदालत ने दोषी ठहराते हुए 7-7 साल के कठोर कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई, जिससे पीड़ितों को न्याय मिला।

7-year sentence for cheating in the name of job
नौकरी दिलाने के बहाने ठगी करने वालों को सात-सात साल की हुई सजा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

विदिशा जिले में नौकरी दिलाने के नाम पर युवाओं से लाखों रुपये की ठगी करने वाले दो आरोपियों को आखिरकार कानून ने सख्त सजा दी है। वर्ष 2021 में दर्ज इस बहुचर्चित मामले में न्यायालय ने सुनवाई पूरी करते हुए दोनों आरोपियों को दोषी ठहराया और उन्हें सात-सात वर्ष के कठोर कारावास के साथ अर्थदंड से दंडित किया है। फैसले के बाद पीड़ितों में न्याय मिलने की संतोषजनक भावना दिखाई दी।

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प्राप्त जानकारी के अनुसार, वर्ष 2021 में पुलिस ने ओम प्रकाश लोधी और रेलवे कर्मचारी जगदीश प्रसाद को गिरफ्तार किया था। दोनों पर आरोप था कि उन्होंने रेलवे में नौकरी दिलाने का झांसा देकर कई बेरोजगार युवाओं से लाखों रुपये ऐंठ लिए थे। आरोपियों ने खुद को प्रभावशाली बताकर सरकारी नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाया और इसी विश्वास का फायदा उठाकर लोगों को ठगते रहे।

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मामले की शिकायत सामने आने के बाद पुलिस ने गंभीरता से जांच शुरू की। जांच के दौरान कई अहम साक्ष्य एकत्र किए गए, जिनमें लेन-देन से जुड़े दस्तावेज और पीड़ितों के बयान शामिल थे। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में चालान पेश किया।


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इस प्रकरण में अपर लोक अभियोजक दीपक सेन ने शासन की ओर से प्रभावी पैरवी की। उन्होंने अदालत के समक्ष ठोस साक्ष्य और तार्किक दलीलें प्रस्तुत कीं, जिसके आधार पर न्यायालय ने दोनों आरोपियों को दोषी माना। न्यायालय ने भारतीय दंड संहिता की धारा 420 सहित अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत दोष सिद्ध करते हुए दोनों को सात-सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही प्रत्येक आरोपी पर 13,000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया।

न्यायालय के इस फैसले को ठगी के खिलाफ एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। यह निर्णय न केवल पीड़ितों के लिए न्याय का प्रतीक है, बल्कि ऐसे अपराध करने वालों के लिए चेतावनी भी है कि कानून के हाथ लंबे हैं और अपराधी देर-सवेर सजा से बच नहीं सकते। आज के समय में बढ़ती बेरोजगारी के कारण कई लोग रोजगार की तलाश में ऐसे ठगों के झांसे में आ जाते हैं। ऐसे मामलों से सबक लेते हुए लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।

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