सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Vidisha News ›   Ram Mandir: Footprints of Lord Ram are present at Shri Ram Charan Teerth Dham in Vidisha

Ram Mandir: विदिशा के श्रीराम चरण तीर्थ धाम पर प्रभु राम के पद चिन्ह हैं मौजूद, जानिए क्या है मंदिर की मान्यता

अमर उजाला, न्यूज डेस्क, विदिशा Published by: दिनेश शर्मा Updated Fri, 19 Jan 2024 05:40 PM IST
विज्ञापन
सार

विदिशा में चरण तीर्थ एक प्रमुख धार्मिक स्थल है। खास बात यह है कि यहां भगवान राम के स्वरूप की पूजा नहीं होती है बल्कि उनके चरणों की पूजा की जाती है। 

Ram Mandir: Footprints of Lord Ram are present at Shri Ram Charan Teerth Dham in Vidisha
विदिशा में स्थित श्रीराम चरण तीर्थ धाम - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार

मध्यप्रदेश के विदिशा जिले में भी राम गमन के निशान होने की मान्यता है। वनवास के दौरान भगवान श्री राम मध्यप्रदेश के कई क्षेत्रों से गुजरे थे, माना जाता है कि इस दौरान वे विदिशा से भी होकर दक्षिण दिशा में गए थे। यहां भगवान के पदचिह्न हैं, जो आज चरणतीर्थ के नाम से प्रसिद्ध है। इस स्थान पर च्वयन ॠषि का अस्थाई आश्रम था और यहीं ॠषि तपस्या करते थे। 
Trending Videos


विदिशा में चरण तीर्थ एक प्रमुख धार्मिक स्थल है। चरण तीर्थ बेतवा नदी के बीच में स्थित एक टापू है। इस टापू में शंकर जी का प्राचीन मंदिर देखने के लिए मिलता है। यहां पर दो मंदिर बने हुए हैं। दोनों ही मंदिर बहुत सुंदर है। खास बात यह है कि यहां भगवान राम के स्वरूप की पूजा नहीं होती है बल्कि उनके चरणों की पूजा की जाती है। मंदिर के पुजारी संजय पुरोहित महाराज बताते हैं इस जगह के बारे में कहा जाता है कि यहां पर श्री राम जी के चरण पड़े थे, इसलिए चरण तीर्थ के नाम से जाना जाता है। यह मंदिर बहुत प्राचीन है और इसका आकार शंकर जी की पिंडी के आकार के समान है। यहां आपको श्री राम जी की चरण पादुका स्वरूप की पूजा होती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


 

Ram Mandir: Footprints of Lord Ram are present at Shri Ram Charan Teerth Dham in Vidisha
श्री राम जी की चरण पादुका स्वरूप की पूजा होती है। - फोटो : सोशल मीडिया
सूबेदार को आया था स्वप्न, फिर बनवाया था मंदिर
पुरोहित जी बताते हैं कि यहां महाराष्ट्रीयन शैली के दो मंदिर हैं। इसी जगह को चरणतीर्थ कहा जाता है। चरणतीर्थ पर शिवजी के दो विशाल मंदिर भी बने हैं। इनमें से एक मंदिर मराठों के सेनापति और भेलसा के सूबा खांडेराव अप्पाजी ने 1775 में बनवाया था। दूसरा मंदिर उनकी बहन ने बनवाया था। दोनों मंदिरों में शिवलिंग स्थापित किए गए थे। कहा जाता है कि उन्हें स्वप्न में भगवान ने कहा था कि इस स्थान के पास देवालय का निर्माण करवाओ, तब उन्होंने यहां चरण तीर्थ पर शिव मंदिर का निर्माण कराया। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed