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Ferrari: 1962 की यह फेरारी जीटीओ 4.3 अरब रुपये में हुई नीलाम, इस ब्रांड के लिए अब तक की सबसे ज्यादा
Wed, 15 Nov 2023 07:28 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Wed, 15 Nov 2023 07:28 PM IST
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Ferrari 250 GTO
- फोटो : RM Sotheby's
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1962 की Ferrari GTO (फेरारी जीटीओ) को हाल ही में 51.7 मिलियन डॉलर (लगभग 4 अरब 30 करोड़ रुपये) की भारी राशि में नीलाम किया गया। जिसने नीलामी में किसी भी फेरारी मॉडल द्वारा हासिल अब तक की सबसे ज्यादा राशि का रिकॉर्ड तोड़ दिया। इटालियन कोचमेकर स्कैग्लिएटी की 1962 फेरारी 330 एलएम / 250 जीटीओ को 13 नवंबर को न्यूयॉर्क शहर में आरएम सोथबी द्वारा नीलामी के लिए रखा गया था।
Ferrari 250 GTO
- फोटो : RM Sotheby's
फेरारी जीटीओ के लिए बोली 34 मिलियन डॉलर से शुरू हुई और इस प्रक्रिया को खत्म होने में पूरे 20 मिनट लगे। और अंतिम बोली 47 मिलियन डॉलर पर आ गई। 10 प्रतिशत खरीदार के प्रीमियम से अंतिम राशि 51.7 मिलियन डॉलर हो गई।
Ferrari 250 GTO
- फोटो : RM Sotheby's
और जबकि यह अंतिम राशि अब तक नीलाम हुई किसी भी फेरारी के लिए एक रिकॉर्ड हो सकती है। और अब 2023 में किसी कार के लिए सबसे महंगी खरीद है। अंतिम राशि अभी भी शुरुआत में अपेक्षित से कम है। सोथबी ने इस कार का मूल्य 60 मिलियन डॉलर से ज्यादा लिस्ट किया था। सोथबीज यूरोप के अध्यक्ष ओलिवर बार्कर ने बिक्री की शुरुआत में कहा, "इतिहास में इसकी जगह निर्विवाद है।"
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Ferrari 250 GTO
- फोटो : RM Sotheby's
हालांकि फेरारी जीटीओ के नए मालिक का खुलासा नहीं किया गया है। लेकिन इस विशेष यूनिट का स्वामित्व पहले चार दशकों से ज्यादा समय तक ओहियो स्थित कलेक्टर जिम जेगर के पास था। कई अनूठी विशेषताएं हैं जो इस कार को एक्स्ट्रा स्पेशल बनाती हैं। चाहे वह नंबर 7 रेसिंग लाइवरी हो या यह फेक्ट कि यह एकमात्र फेरारी जीटीओ है जो चार-लीटर इंजन से लैस है और एकमात्र फैक्ट्री जीटीओ टिपो 1962 है जिससे स्कुडेरिया फेरारी ने रेस लगाई गई है। 2012 में, इसने फ्लोरिडा में अमेलिया आइलैंड कॉनकोर्स डी'एलिगेंस में बेस्ट इन शो का पुरस्कार जीता।
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Ferrari 250 GTO
- फोटो : RM Sotheby's
लेकिन हालांकि 1962 की फेरारी जीटीओ ने बड़ी कमाई की, लेकिन यह अब तक नीलाम हुई सबसे महंगी कार से काफी दूर है। यह रिकॉर्ड अभी भी 1955 Mercedes-Benz 300 SLR Uhlenhaut Coupe (1955 मर्सिडीज-बेंज 300 एसएलआर उहलेनहॉट कूपे) के नाम है। जिसने 2022 में 142 मिलियन डॉलर कमाए थे। लेकिन फेरारी जीटीओ अभी भी नीलामी में अब तक की सबसे महंगी फेरारी है। यह खिताब पहले 1962 Ferrari 250 GTO (1962 फेरारी 250 जीटीओ) के नाम था, जिसने 2018 में आरएम सोथबी की नीलामी में 48.4 मिलियन डॉलर कमाए थे।