अगर आप मोटरसाइकिलों के शौकीन हैं तो यह खबर आपके बहुत काम आएगी। बहुत से मोटरसाइकिल लवर बाइक खरीदते ही सबसे पहले उसे किसी मोडीफिकेशन वाले वर्कशाप पर ले जाकर तरह-तरह के बदलाव करवा लेते हैं जिससे उनकी बाइक एकदम अलग दिखे। लेकिन आपको बता दें अगर आप अपनी मोटरसाइकिल में मोडीफिकेशन करवाते हैं तो उसकी वारंटी वहीं खत्म हो जाती है। ऐसे में अगर बाइक में कोई दिक्कत आएगी तो कंपनियां उसे सही करके नहीं देंगी न ही किसी खराबी आने पर उनकी जवाबदेही होगी। अगर आप मोडीफिकेशन के विश्वास रखते हैं तो जैसा हम बोल रहे हैं वैसा कीजिए।
बाइक में करवाएंगे मोडीफिकेशन तो खत्म हो जाएगी वारंटी
एग्जॉस्ट से न करें छेड़छाड़
बहुत से लोग एक्जॉस्ट बदलवाकर अपनी बाइक की आवाज को बदल देते हैं। हो सकता है ऐसा करके आपको लोगों का ढेर सारा अटेंशन मिल जाएगा लेकिन कंपनियां अपना अटेंशन आपकी बाइक से हमेशा के लिए हटा लेंगी। इसलिए ध्यान रहे अपनी बाइक के एक्जॉस्ट से अगर आपने छेड़छाड़ की तो फिर कंपनी आपको कोई भी वारंटी नहीं देगी। यह बात बहुत से मोडीफिकेशन वाले पहले ही बता देते हैं पर कुछ लोग पैसा कमाने के जुगाड़ में इस बात का खुलासा नहीं करते। ऐसे में अगर आपको वारंटी से कोई लेना देना नहीं है तो फिर आप अपने शौक के लिए यह काम कर सकते हैं।
बहुत से लोग बड़े पहिए के शौकीन होते हैं और अपनी बाइक में मोटे चौड़े टायर लगवा लेते हैं। आपको बता दें इससे आपको दोहरा नुकसान हो सकता है एक तो ये कि कंपनी इस पर कोई वारंटी नहीं देगी साथ ही अगर आप इंजन क्षमता से ज्यादा भारी टायर अपनी बाइक में लगाएंगे तो बाइक परफॉर्मेंस ठीक उसी तरह से प्रभावित होगा जैसे 200 किलो वजन उठाना आपके लिए मुश्किल होता है। हर इंजन की भार ढोने की एक क्षमता होती है और अगर आप अपने इंजन का ध्यान रखेंगे तो आपकी बाइक लंबे समय तक आपका साथ निभाएगी।
कई बार मोडीफिकेशन में मोडीफाई करने वाली कंपनियां गाड़ी के इंजन के साथ भी प्रयोग करती हैं। इससे सिर्फ वारंटी ही नहीं बल्कि इंजन की लाइफ भी चली जाती है। एक बार इंजन खोलकर उसके इंजेक्शन सिस्टम से छेड़छाड़ किया जाता है तो बाइक का माइलेज भी पूरी तरह से प्रभावित होता है। इसलिए ध्यान रहे कि मोडीफिकेशन में इंजन को बलि का बकरा न बनाएं।
अगर बाइक में मोडीफिकेशन करवाकर वारंटी जाने का डर है तो आपके लिए सुझाव ये है कि आप अपनी बाइक पर ग्राफिक्स के साथ खेलें और अपनी बाइक को अलग अंदाज दें। यह बहुत सेफ है और इससे बाइक की कोई वारंटी भी नहीं जाती। लेकिन ध्यान रहे उन्हीं ग्राफिक्स के तरीकों का प्रयोग करें जिससे बाइक का कलर न उड़े। मोडीफिकेशन करवाने से पहले इंश्योरेंस कंपनी से भी बात करके रखें क्योंकि कई कंपनियां मोडीफाइड बाइक पर इंश्योरेंस का कवर खत्म कर देती हैं।