भारतीय सेना के पास जल्द ही देसी ‘हमर’ दिखाई देगी। डिफेंस के लिए ये वाहन देश की जानी-मानी वाहन निर्माता कंपनी बना रही है। इस व्हीकल की खासियत है कि यह खराब मौसम और बदतर सड़कों पर चल सकता है। इस व्हीकल को हाल ही में टेस्टिंग के दौरान मुंबई-पुणे हाइवे पर देखा गया। इससे पहले अमेरिकी सेना हमर का इस्तेमाल करती है, हमर अपने ऑफरोडिंग फीचर्स के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध है।
इसका कोडनेम टाटा मर्लिन
भारतीय सेना के लिए यह देसी हमर टाटा मोटर्स बना रहा है, और पिछले एक साल इस पर काम जारी है। टाटा मोटर्स ने इसका कोडनेम टाटा मर्लिन रखा है। मर्लिन लाइट सपोर्ट व्हीकल है, जिसे नाटो स्टैंडर्ड के मुताबिक बनाया गया है। इसकी खासियत है कि इस पर आर्टिलरी, ग्रेनेड के अलावा माइन ब्लास्ट का कोई भी असर नहीं पड़ेगा।
एडवांस्ड टायर इंफ्लेशन सिस्टम
मर्लिन में 4X4 फोर व्हील ड्राइव सिस्टम दिया गया है। वहीं इसमें एडवांस्ड टायर इंफ्लेशन सिस्टम दिया गया है, जिसके चलते यह फ्लैट टायरों पर भी चल सकता है। इस सिस्टम की खूबी है कि ज्यादा ट्रैक्शन के लिए यह टायरों में हवा का दबाव कम कर सकता है और वहीं जरूरत पड़ने पर बिना किसी बाहरी स्रोत के टायरों में हवा भरी जा सकता है।
लगा सकते हैं एंटी टैंक मिसाइल
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Tata Merlin Defence Vehicle-4
मर्लिन में ब्रेकिंग के लिए चारों पहियों में वैक्यूम असिस्टेड ब्रेक्स के साथ हाइड्रॉलिक बूस्टर्स लगे हैं। साथ ही चारों पहियों में अलग-अलग सस्पेंशन दिए गए हैं। मर्लिन में मिलिट्री ग्रेड दरवाजे और बुलैट प्रूफ विंडो दी गई हैं। वहीं इसमें छत पर 7.5 एमएम मीडियम मशीनगन रखने के लिए स्पेस दिया गया है, साथ ही 40 एमएम का ऑटोमैटिक ग्रेनेड लॉन्चर भी दिया गया है। साथ ही इसमें एंटी टैंक मिसाइल भी इंस्टाल की जा सकती हैं। इस में बड़ा व्हीलबेस के साथ पीछे की तरफ अतिरिक्त व्हील दिया गया है।
3.3 लीटर का डीजल इंजन
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Tata safari Defence vehicle-4
मर्लिन में 3.3 लीटर का लिक्विड कूल्ड डायरेक्ट इंजेक्शन डीजल इंजन दिया गया है। यह कॉमन रेल टर्बो इंजन 3200 आरपीएम पर 185 बीएचपी की पावर और 2400 आरपीएम पर 450 एनएम का टार्क देता है।