नए साल आने में बस कुछ ही दिन शेष हैं, हम नए साल से पहले पिछले पूरे साल का आंकलन करते हैं कि इस साल बाजार में कौन सी कारों ने जगह बनाई। आज आपको बताने जा रहे हैं कुछ ऐसी कार जो देश की नहीं बल्कि दुनिया में सबसे ज्यादा बिकने वाली कार रही। तो शुरूआत करते हैं नंबर 10 से।
दुनिया में सबसे ज्यादा बिकी ये कारें पहले नंबर पर टोयोटा 4 करोड़ ग्राहकों के साथ, देखें तस्वीरें
10. फॉक्सवैगन की कार Passat इस साल 1.5 करोड़ लोगों ने खरीदी। जिसके चलते यह कार नंबर 10 पर रही। इस कार का प्राडक्शन सबसे पहले 1972 में शुरू हुआ। फॉक्सवैगन एक जर्मनी की कार उत्पादन कंपनी है। जिसका मुख्यालय वोल्फ़्सबर्ग, जर्मनी में है। यह कंपनी 28 मई 1937 को यहाँ स्थापित हुई थी। हालांकि भारत में फॉक्सवैगन ने नई जेनरेशन Passat कार लांच कर दी है। जिसकी कंपनी ने शुरुआती Comfortline वेरिएंट की कीमत 29.99 लाख रुपए (एक्स-शोरूम, दिल्ली) रखी है और Highline वैरिएंट की कीमत 32.99 लाख रुपए रखी है।
Ford Model T
Ford Model T दुनिया में सबसे ज्यादा बिकने वाली कारों की सूची में नंबर 9 पर है। इस कार को 1 करोड़ 6 लाख लोगों ने साल 2018 में खरीदा। कार को कंपनी ने 1 अक्टूबर, 1908 को पेश किया था। जिसे "Tin Lizzie" के नाम से भी जाना जाता है, Ford Model T इतिहास की पहली सस्ती मास प्रोडक्शन कार थी, या कहें पहली सस्ती हॉर्सलेस गाड़ी। हेनरी फोर्ड ने इस कार को बनाने का लक्ष्य रखा जिसके पीछे उनका मकसद था कि जो कोई भी सभ्य जीवन व्यतीत करे, वह एक को खरीद सके।
Honda Accord
होंडा एकॉर्ड ने इस सूची में 8 वां स्थान हासिल किया। इस कार को दुनिया में करीब 1.7 करोड़ लोगों ने अपने घर में जगह दी। बता दें, होंडा ने भारत में कुछ समय पहले हाईब्रिड कार को लांच किया था। जिसकी कीमत 37 लाख रुपये (एक्स शो-रूम) रखी गई है।
Ford Escort
र्फोड एस्कोट कार 1.8 करोड़ लोगों की पसंद बनकर 7वें स्थान पर रही। इस कार के एक 41 साल पुराने मॉडल को हाल ही में एक अर्बन शहर में 121,000 करोड़ डॉलर में नीलाम किया गया। हालांकि यह पहला मौका नहीं है जब इस कार की अच्छी कीमत लगाई गई है। इससे पहले भी इस कार की कई बार नीलामी हो चुकी है 1976 की यह कार सेन्ट जॉन पॉल के स्वामित्व में थी।