देश में शादी-ब्याह का सीजन शुरू हो गया है। पिछले साल कोरोना के चलते काफी पाबंदियां थीं, जिस कारण शादियां बहुत धूमधाम से नहीं हो पाईं। लेकिन इस साल कोरोना प्रोटोकॉल में छूट मिलने के चलते लोग धूमधाम से शादियां कर रहे हैं और जमकर खर्च कर रहे हैं। लोग शादियों में महंगी डेकोरेशन के अलावा लाइव बॉलीवुड परफॉरमेंस या रॉयल वेन्यू को तो प्राथमिकता दे ही रहे हैं, साथ ही एक नया ट्रेंड भी देखने को मिल रहा है। वैसे तो दिल्ली की शादियों हमेशा से ही ट्रेंड सेटर रही हैं। इस बार बारात में घोड़ी-बग्घी, स्पोर्ट्स कारों की बजाय क्लासिक गाड़ियां नजर आ रही हैं। 14 नवंबर से 13 दिसंबर के बीच ही अकेले दिल्ली-एनसीआर में 1.5 लाख शादियां होने जा रही हैं और इन दिनों विंटेज कारों की मांग बढ़ गई है। यहां तक कि बारात, डोली और दुल्हन की इंट्री तक में क्लासिक विंटेज गाड़ियां इस्तेमाल हो रही हैं। हालत ये है कि दिल्ली-एनसीआर के अधिकांश विंटेज कारें पूरी तरह बुक हो चुकी हैं।
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करना पड़ सकता है लंबा इंतजार
विंटेज कार मार्केट से जुड़े लोगों का कहना है कि इस सीजन के लिए लोगों ने महीनों पहले ही एडवांस में कारें बुक कर ली हैं। वहीं जिस तरह ट्रेंड तेजी से पकड़ रहा है, तो कुछ लोग लास्ट मिनट पर भी बुकिंग करा रहे हैं। विंटेज कारों के बिजनेस से जुड़े वरुण मल्होत्रा का कहना है कि लोग अपनी शादी को यादगार बनाना चाहते हैं, और शादी को रॉयल टच देने के लिए विंटेज कारों को पसंद कर रहे हैं। इन दिनों विंटेज कारों की मांग जबरदस्त है और अगले दो महीने तक गाड़ियां पूरी तरह से बुक हैं।
घोड़ा-बग्घी की बजाय विंटेज कारें पसंद
वेंडिंग्सइनदेल्ही के मालिक अतुल अग्रवाल कहते हैं कि पहले समाज का कुछ ही वर्ग विंटेज कारों पर खर्च कर पाता था, लेकिन अब ये हर शादी की जरूरत बन गई हैं। विंटेज कारों का अपना अलग ही चार्म होता है। इनमें खड़े हो दुल्हा अपनी बारात में डांस भी कर सकता है, जो घोड़ी पर संभव नहीं है, क्योंकि ये ओपन रूफ वाली होती हैं। वहीं बारात और दुल्हन की इंट्री के दौरान विंटेज कार में बैठ कर आने का कुछ अलग ही आनंद है, लोगों को फोटो अपॉर्च्युनिटी मिलती है सो अलग। वहीं लोग अब थीम बेस्ड विंटेज कारें भी लेकर आ रहे हैं। वह कहते हैं कि 5-स्टार होटल्स में बारात और घोड़ी की परमिशन नहीं होती है, इसलिए लोग घोड़ा-बग्घी की बजाय विंटेज कारें पसंद करते हैं।
इन रंग की कारों की है डिमांड
ओपन रूफ वाली लाल, सफेद और गोल्ड रंग की लंबी कारें इन दिनों काफी पॉपुलर हैं। सफेद रंग की द अटलांटिस, सफेद और लाल रंग की फोर्ड मॉडल ए 1930, गोल्डन रंग की शेवरले मास्टर 1934 मॉडल्स की जमकर मांग है। प्रसिद्ध जिया बैंड के अनिल थडानी कहते हैं कि ज्यादातर लोग जो विंटेज कारों के बारे में पूछताछ करते हैं, उन्हें मॉडल के बारे में उतनी जानकारी नहीं होती है, वे केवल रंग के बारे में पूछते हैं, जिनमें लाल, सफेद और गोल्ड उनकरी पहली पसंद होता है, क्योंकि ये हर थीम को सूट करते हैं। वहीं लोग फुल ड्रेस शॉफर के साथ विंटेज कारें पसंद करते हैं, जिसकी ड्रेस कार से मैच करती हो, यहां तक कि रॉयल टच देने के लिए पगड़ी भी पहनने के लिए कहते हैं।
मॉडिफाइड कारें भी आ रही हैं पसंद
वरुण मल्होत्रा कहते हैं कि विंटेज कारें संख्या में बेहद कम हैं। वहीं उनका किराया भी 55 हजार रुपये से शुरू होता है। जबकि मॉडिफाइड मॉडल्स की कीमत 20 हजार रुपये से शुरू है। लोग पैसे बचाने के लिए मॉडिफाइड कारें भी चुन लेते हैं। हालांकि यह कार के मॉडल और उसकी उपलब्धता पर निर्भर करता है। लेकिन दिन शादियां ज्यादा होती हैं और जब कारें भी एक-दो होती हैं, उनका भी रेंटल बढ़ जाता है। वहीं मॉडिफाइड कारें भी चुनने की एक वजह यह भी है कि यह बग्घी की कीमत के बराबर ही होती हैं। इसके अलावा ऑरिजनल विंटेज कारों की भी अपनी सीमाएं होती हैं, जैसे कि एक बार में कुछ ही लोग उनमें बैठ सकते हैं, जो लोगों को थोड़ा अखरता है, शादी में हर किसी को मना करना भी अच्छा नहीं लगता, खासतौर जब लोग इसमें नाचना और फोटो खिंचवाना चाहते हैं।