अनाजों के न्यूनतम समर्थन मूल्य को लेकर लगातार राजनैतिक बहसें जारी हैं। इसी बीच ये बात भी सामने आई है कि भारत अनाज की पैदावार के मामले में दुनिया के अव्वल देशों की श्रेणी में आ चुका है। साल 2020-21 में भारत ने 298.3 मिलियन टन अनाज उपजाने का टारगेट तय किया, जिसे काफी हद तक पूरा किया जा चुका है। आज हम आपको इस लेख के माध्यम से भारत के उन 5 राज्यों के बारे में बताएंगे, जो सबसे ज्यादा अनाज की पैदावार करते हैं।
देश के वो 5 राज्य, जो करते हैं सबसे ज्यादा अनाज की पैदावार
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पश्चिम बंगाल
बंगाल में चावल के अलावा भी कई तरह की पैदावार होती है। इनमें सब्जियों से लेकर फल भी शामिल हैं। आम, लीची, अन्नानास, अमरूद और संतरा जैसे फल बंगाल में खूब उगाए जाते हैं। वहीं सब्जियों में टमाटर, भिंडी, गोभी, पत्तागोभी और बैंगन की खेती बड़े स्तर पर की जाती है। इसके साथ ही बंगाल में कई तरह के मसाले जैसे मिर्च, अदरक, लहसुन और हल्दी की भी पैदावार होती है।
उत्तर प्रदेश
बंगाल के बाद नंबर आता है उत्तर प्रदेश का। गेहूं की पैदावार के मामले में यह राज्य हमेशा बाजी मारता रहा है। बता दें कि देश के कुल गेहूं उत्पादन का लगभग 35 फीसदी हिस्सा उत्तर प्रदेश में ही उगाया जाता है। राज्य के पूर्वी, पश्चिमी और उत्तरी भाग में करीब 96 लाख हेक्टेयर जमीन पर गेहूं की खेती की जाती है। गेहूं और कई दूसरी फसलों के अलावा उत्तर प्रदेश गन्ने की खेती में भी सबसे आगे है।
पंजाब
पंजाब में किसान सालाना 110-120 लाख टन चावल का उत्पादन करते हैं। देश के सबसे उपजाऊ राज्यों में पंजाब की गिनती होती है। हालांकि, हाल के सालों में यहां कृषि उत्पादकता कम हुई है। इसके बाद भी ये राज्य अनाज उत्पादन के मामले में तीसरे नंबर पर है। पड़ोसी राज्य हरियाणा की तरह पंजाब गेहूं का भी बड़ा उत्पादक है।
गुजरात
खरीफ सीजन के दौरान गुजरात में मुख्य तौर पर मूंगफली, कपास और कैस्टरसीड की सबसे ज्यादा खेती होती है। बता दें कि यह राज्य इन तीनों फसलों का सबसे बड़ा उत्पादक भी रहता आया है। वैसे बीते एक दशक में बारिश कम होने का असर खरीफ की खेती पर हुआ है।