अपहरण और हत्या के मामले में अमेरिकी कोर्ट ने एक महिला को मौत की सजा सुनाई है। 70 साल बाद अमेरिका में किसी को मौत की सजा मिलेगी। हालांकि, अमेरिका की अदालत ने भले ही 70 साल बाद किसी को मौत की सजा दी हो, लेकिन दुनिया के अलग-अलग देशों में इस तरह की क्रूर सजा देने का एक लंबा इतिहास है। ऐसे में आज हम आपको दुनिया के 7 ऐसे देशों के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां इस तरह की खौफनाक सजा देने का प्रावधान रहा है...
उबलते तेल में डालकर अपराधियों को उतार दिया जाता था मौत के घाट, जानिए दुनिया की 7 सबसे क्रूर सजाओं के बारे में
सिर काटना
सजा - अपराधी का सिर कलम करना
देश - सऊदी अरब और इंग्लैंड
फैक्ट - 13वीं शताब्दी के दौरान इंग्लैंड में देशद्रोह के लिए भयानक सजा का प्रावधान था। इसके तहत अपराधियों को फांसी देने के बाद उनका सिर कलम किया जाता था। इतना ही नहीं अपराधियों की आंखें निकाल ली जाती थी और सार्वजनिक रुप से प्रदर्शन किया जाता था। वहीं सऊदी अरब में इस तरह की सजा को कानूनी तौर पर मान्यता मिली हुई है। एम्नेस्टी इंटरनेशनल के मुताबिक, साल 2019 में सऊदी अरब में अलग-अलग अपराध के मामले में 184 लोगों के सिर कलम कर दिए गए थे।
फायरिंग दस्ते
सजा - अपराध के मामले में गोली मारकर सामुहिक हत्या
देश - सोमालिया, गिनी, ईरान, नॉर्थ कोरिया, सऊदी अरब
फैक्ट - सोमालिया, गिनी, ईरान और नॉर्थ कोरिया में आज भी अपराधियों को फायरिंग दस्ते से सजा देने का प्रावधान है। साथ ही चीन में भी अपराधियों को इस तरह से सजा दी जाती है। एम्नेस्टी इंटरनेशनल के रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2012 में 682 तो साल 2013 में 778 लोगों को सरेआम फायरिंग दस्ते से उड़वा दिया गया था।
अपराधी को जलाना
सजा - जिंदा जला देना
देश - मोरक्को, इंग्लैंड, अफ्रीकी देश
फैक्ट - मध्यकाल के समय पुरुषों और महिलाओं को राजद्रोह करने पर जला दिया जाता था। कई जानी-मानी हस्तियों को ये सजा अंग्रेजों द्वारा 1431 में दी गई थी। बता दें कि 1600 में इतालवी वैज्ञानिक और दार्शनिक जिओरडनो ब्रूनो को भी जिंदा जला दिया गया था। इसके अलावा कई देशों में जादू-टोना करने के आरोप में भी लोगों को सजा के तौर पर जलाकर मार दिया गया था।
उबालना
सजा - उबलते पानी या तेल में डालना
देश - इंग्लैंड
फैक्ट - आठवें हेनरी के कार्यकाल में खाने में जहर मिलाने पर आरोपी को पहली बार ऐसी सजा दी गई थी।1531 में रोचेस्टर के बिशप के खाने में कुक रिचर्ड रोजे ने जहर मिला दिया था, जिसे ये सजा दी गई थी। वहीं 1542 में मार्गरेट डेवी नाम की नौकरानी को मालकिन के खाने में जहर मिलाने के कारण सजा के तौर पर खौलते पानी में उबाला गया था। हालांकि, इस कानून को 1547 में रद्द कर दिया गया था।