Ajab-Gajab: क्या सच भूत होते हैं? इस सवाल का जवाब वैज्ञानिक अभी तक नहीं खोज पाए हैं। दुनिया में ज्यादातर लोग ऐसे हैं, जो भूत-प्रेत में यकीन रखते हैं। दुनिया की कई संस्कृतियों में लोग आत्माओं और मृत्यु के साथ ही दूसरी दुनिया में रहने वाले लोगों पर यकीन करते हैं। भूतों पर विश्वास करना दुनिया में सबसे ज्यादा मानी जाने वाली पैरानॉर्मल एक्टिविटी में से एक है। दुनिया में बहुत ऐसे लोग हैं, जो भूतिया जगहों पर जाना पसंद करते हैं। इसके साथ ही भूतों की कहानियां पढ़ते हैं और भूतों पर बनी फिल्मों को देखते हैं।
Ajab-Gajab: रेलवे स्टेशन के नीचे बने खुफिया कमरे से आ रही थीं अजीबोगरीब आवाजें, अंदर का नजारा देखकर डर गए लोग
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मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, लंदन की एक वेबसाइट में काम करने वाली रिपोर्टर एना विल्स हाल ही में लंदन के बीच में बने वॉटरलू रेलवे के नीचे बने कमरों में गई थीं। स्टेशन के प्लेटफॉर्म 16 के नीचे बने कमरों को सबसे भुतिया क्षेत्र माना जाता है।
एना को दीवारों के अंदर से लोगों के बोलने की धीरे-धीरे आवाजें सुनाई दे रही थीं, जो बेहद रोगटे खड़े करने वाली थीं। उन्होंने बताया कि वह शुरुआत में घबरा गई थीं। गाइड ने उनको बताया कि आवाजें वास्तव में असली थीं। उन्होंने बताया कि कमरे में जाना एक अनोखा अनुभव था।
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टूर गाइड की तरफ से हमें बताया गया कि वास्तव में हम जहां पर खड़े थे उसके ठीक बगल में एक कमरे में स्टेशन की सार्वजनिक संबोधन प्रणाली के लिए परीक्षण किट रखी हुई थी। इसलिए हमें घोषणाओं की धीमी आवाजें सुनाई दे रही थीं।
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वॉटरलू स्टेशन का इतिहास
एना ने कहा कि आवाजें भुतहा नहीं थीं, लेकिन वहां का अनुभव इतना अजीबोगरीब था कि लोग उस गुफा से बाहर निकलने की कोशिश में थे। हाल ही में इस स्टेशन को 175 साल पूर हुए हैं। 1848 में इस स्टेशन की शुरुआत हुई थी, तब 14 स्टेशनों तक ट्रेनें आती जाती थीं।