Zara Hatke: वैज्ञानिकों ने 5300 वर्ष पुरानी ममी को लेकर बेहद चौंकाने खुलासा खुलासा किया है। इस ममी की मौत इटली के आल्प्स पर्वतों में करीब 5300 वर्ष पहले एक तीर के हमले में हुई थी। इस ममी का नाम ओत्जी द आइसमैन है, जिसकी कहानी पहले से ही रहस्यी और रोमांच से भरी हुई थी। अब वैज्ञानिकों की नई खोज ने इसे और रोमांचक बना दिया है। शोधकर्ताओं ने पाया है कि यूरोप की सबसे प्रसिद्ध ममी के भीतर मौजूद प्रागैतिहासिक आंतों के बैक्टीरिया और ठंडे वातावरण में पनपने वाले यीस्ट आज भी चयापचय (मेटाबॉलिक) तौर पर सक्रिय हैं।
Zara Hatke: 5300 साल पुरानी ममी को लेकर वैज्ञानिकों का चौंकाने वाला खुलासा, जानकर उड़ जाएंगे होश
Zara Hatke: वैज्ञानिकों ने इटली के आल्प्स पर्वतों में करीब 5300 वर्ष पहले एक तीर के हमले में मारी गई ममी की कहानी पहले से ही रहस्यी और रोमांच से भरी थी। अब वैज्ञानिकों ने इसके बारे में एक और चौंकाने वाला खुलासा किया है।
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ओत्जी ने आखिरी समय में क्या खाया था?
वैज्ञानिकों को शोध में पता चला है कि सक्रिय आंत बैक्टीरिया ओत्जी के अंतिम भोजन से पूरी तरह मेल खाते हैं। उसके भोजन में अधिक वसा वाला जंगली मांस, प्राचीन अनाज और एक विषैला फर्न पौधा शामिल था।
गायब हो चुका माइक्रोबायोम
शोधकर्ताओं ने रोम्बौत्सिया होमिनिस (Romboutsia hominis) और क्लोस्ट्रिडियम मोनिफॉर्म (Clostridium moniliforme) जैसी दुर्लभ बैक्टीरिया प्रजातियों की पहचान की है। यह बैक्टीरिया आधुनिक शहरी आबादी में लगभग पूरी तरह समाप्त हो चुके हैं, लेकिन आज भी अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका की कुछ अलग-थलग पड़े जनजातीय समुदायों में मिलते हैं।
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रसायन खाने वाला यीस्ट
सबसे हैरान करने वाला खुलासा यह हुआ है कि कुछ यीस्ट (सूक्ष्मजीव) आबादियां पिछले नौ वर्षों में और अधिक बढ़ गई हैं। ये असाधारण सूक्ष्मजीव संग्रहालय में ममी की सुरक्षा के लिए उपयोग किए जाने वाले फिनोल-आधारित कीटाणुनाशकों को ही भोजन के रूप में इस्तेमाल करना सीख गए हैं।
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संरक्षण विशेषज्ञों के सामने नई चुनौती
यह अभूतपूर्व सूक्ष्मजीवीय क्षमता से पता चलता है कि ओत्जी की मृत्यु के साथ उसका माइक्रोबायोम पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ। लेकिन इसके साथ ही एक गंभीर सवाल खड़ा होता है कि अगर ये प्रागैतिहासिक जीव अत्यधिक ठंड में जीवित रह सकते हैं और आधुनिक कीटाणुनाशक रसायनों को पचा सकते हैं, तो दुनिया भर के संग्रहालय अपने बहुमूल्य प्राचीन अवशेषों को अंदर से धीरे-धीरे होने वाले जैविक क्षरण से कैसे बचाएंगे?
हालांकि, ताम्र युग के इस शिकारी की हत्या किसने की थी, यह रहस्य आज भी अनसुलझा है, लेकिन उसके शरीर में जीवित माइक्रोबायोम मानव स्वास्थ्य, रोगों के विकास और हमारे प्राचीन अतीत को समझने में मदद करेगा।