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Ajab Gajab: ये है अद्भुत जीव, दिमाग और शरीर के अंग दोबारा कर लेता है विकसित
फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: ज्योति मेहरा
Updated Fri, 09 Sep 2022 04:05 PM IST
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एक्सोलोल दोबारा विकसित कर लेता है अपने अंग
- फोटो : istock
Axolotl Fish: आम तौर पर किसी जीव का कोई अंग एक बार कट जाए तो उसको दोबारा उगना नामुमकिन होता है, लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि हमारे बीच एक ऐसा जीव भी है, जो जरूरत पड़ने पर अपना दिमाग, रीढ़ की हड्डी, दिल और हाथ-पैर फिर से पैदा कर लेता है। जी हां, आपको ये सुनने में भले ही अजीब लग रहा होगा, लेकिन ये बात सच है। आम तौर पर यदि इंसानों का कोई अंग खराब हो जाए या कट जाए तो वह दोबारा नहीं उगता। वहीं अगर दिल या किसी आंतरिक अंग में दिक्कत होती है, तो प्रत्यारोपण किया जाता है। लेकिन किसी भी रूप में दिमाग और रीढ़ की हड्डी नहीं बदली जा सकती। ऐसे में इस विचित्र जीव की ये खासियत वाकई हैरान करने वाली है। दरअसल, ये अपनी पूरी जिंदगी न्यूरॉन्स को विकसित करता रहता है। इस खास जीव यानी एक्सोलोल (Axolotl) के बारे में वैज्ञानिकों ने साल 1964 में पता लगाया था।
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एक्सोलोल दोबारा विकसित कर लेता है अपने अंग
- फोटो : istock
यह बात काफी हैरतअंगेज है कि एक्सोलोल अपने दिमाग के कुछ हिस्सों को दोबारा पैदा कर सकता है। इसके साथ ही ये रीढ़ की हड्डी, दिल और हाथ-पैर भी रीजेनरेट करने की क्षमता रखता है। आपको जानकर हैरानी होगी कि यदि इसके दिमाग का एक बड़ा हिस्सा निकाल भी दिया जाए तब भी ये इसको दोबारा से विकसित कर सकता है।
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एक्सोलोल दोबारा विकसित कर लेता है अपने अंग
- फोटो : istock
ज्यूरिख व वियना के वैज्ञानिकों द्वारा शोध करने पर सामने आया कि एक्सोलोल अपने दिमाग के सभी हिस्सों की कोशिकाओं को फिर से विकसित कर सकता है। इसके साथ ही उनके बीच संबंध भी स्थापित करने की क्षमता भी रखते हैं। ये जानने के लिए वैज्ञानिकों ने इसके दिमाग का नक्शा बनाया। इसके जरिए पता चला कि ये अपने दिमाग को किस तरह से विकसित करता है।
एक्सोलोल दोबारा विकसित कर लेता है अपने अंग
- फोटो : istock
एक्सोलोल क्षमता रखता है कि वह जीन्स के जरिए विभिन्न कोशिकाओं को दोबारा जनरेट कर लेता है। इसपर स्टडी करने के लिए वैज्ञानिकों ने इस जीव के सिंगल सेल आरएनए सिक्वेंसिंग (scRNA-seq) की प्रक्रिया को देखा, जिससे वैज्ञानिक किसी भी तरह से कोशिकाओं के विकास में मदद करने वाले जीन्स की गिनती करने में सफल रहे।
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एक्सोलोल दोबारा विकसित कर लेता है अपने अंग
- फोटो : istock
साथ ही वैज्ञानिकों ने ये भी जाना कि कौन सी कोशिका दिमाग के किस हिस्से के लिए विकसित हो रही है और असल में उसका काम क्या है। जेनेटिक स्टडी के लिए वैज्ञानिक इंसानों, चूहों, सरीसृपों और मछलियों में सिंगल सेल आरएनए सिक्वेंसिंग (scRNA-seq) का उपयोग करते आए हैं। लेकिन उभयचरी (Amphibians) पर इस पद्धति का उपयोग पहली बार किया गया था।
