कोलंबिया के एंडीज पहाड़ों पर बसे औपनिवेशिक शहर बारिचरा में साल का सबसे अहम दिन क्रिसमस, नया साल या ईस्टर का नहीं होता। यहां साल के सबसे अहम दिन को स्थानीय लोग 'ला सैलिडा' कहते हैं, जिसका अर्थ होता है बाहर निकलना। इस दिन बारिचरा की गलियों में कुछ होने की आशा बढ़ जाती है। गलियां बुहारने वाले और घरों में साफ-सफाई करने वाले लोग अपना काम बंद कर देते हैं। बच्चे स्कूल से बाहर निकल आते हैं और दुकानदार दुकान छोड़कर गायब हो जाते हैं।
क्या चींटियों को खाने से बढ़ सकती है हमारी उम्र?
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चींटी पकड़ने का उत्सव
हर साल मार्च या अप्रैल में यह उत्सव तब होता है, जब भारी बारिश के बाद तेज धूप निकली हो और रात में चांदनी बिखरी हो। ला सैलिडा से चींटियों का सालाना प्रजनन मौसम शुरू होता है जो दो महीने तक जारी रह सकता है। इसी दौरान स्थानीय लोग ज्यादा से ज्यादा रानी चींटियों को पकड़ने के लिए छीना-छपटी करते हैं।
अंडों से भरी हुई और प्रजनन के लिए तैयार भूरी, कॉकरोच के आकार की रानी चींटियां किसी ट्रॉफी की तरह होती हैं। उनका पिछला हिस्सा फूलकर मटर के दाने जैसा होता है। इसे नमक मिलाकर भूनने से यह मूंगफली, पॉपकॉर्न या खस्ते बेकन जैसा लजीज हो जाता है। चींटियों के पंखों को अलग करते हुए हिगुएरा कहती हैं, "मेरे लिए यह जायका अनोखा होता है।"
"यह मेरे अतीत की याद दिलाता है। मुझे याद है कि एक बार मेरे दादाजी चींटियों से भरा एक पूरा बैरल खरीदकर लाए थे। हम अंदर उनके सरसराने की आवाज सुन सकते थे। उनको तैयार करने के लिए पूरा परिवार एक साथ बैठा था।"
रानी चींटियों को लजीज पकवान की तरह खाया जाता है। सड़क किनारे की कुछ दुकानों में उनको तैयार किया जाता है। कामकाजी परिवारों की रसोइयों में उनको भूना जाता है और वे पूरे कोलंबिया के महंगे रेस्तरां के मेन्यू में भी शामिल हैं। एक किलो रानी चींटियों के बदले तीन लाख पेसो (65 पाउंड) मिल सकते हैं। इस तरह ये कोलंबिया के मशहूर कॉफी से भी महंगे हैं। स्थानीय लोगों के लिए ये कमाई के अच्छे स्रोत हैं। बारिचरा में सड़कों की सफाई करने वाले फेडेरिको पेड्राजा कहते हैं, "होर्मिगस जमा करके मैं एक ही दिन में हफ्ते भर के बराबर कमा सकता हूं। लेकिन यह मुश्किल काम है। चींटियां रानी चींटी को आसानी से ले जाने नहीं देतीं।"
खतरा बहुत है
यह काम टखने की ऊंचाई तक के रबर बूट और लंबी आस्तीन पहनकर किया जाता है। काम तेजी से निपटाना पड़ता है वरना रानी की सुरक्षा के लिए तैनात कॉलोनी की सैनिक चीटिंयां हमला कर देती हैं। उनके काटने से तीखा दर्द होता है और खून बाहर आ सकता है। गांव वाले खेतों में फैल जाते हैं और उनके पास जो भी हो- थैला, मग, बरतन या बोरा- उसमें रानी चींटियों को जमा करते जाते हैं। यह काम दिन में होता है, जबकि उनका लजीज पकवान रात के भोजन में खाया जाता है।
एटा लाविगाटा प्रजाति की चींटियां दक्षिण अमरीका की लीफकटर चींटिंयों के नाम से भी जानी जाती हैं। उनमें भरपूर प्रोटीन होता है, साथ ही ये अनसैचुरेटेड फैटी एसिड से भरी होती हैं जो कोलेस्ट्रोल को बढ़ने नहीं देता। "फ्रंटियर्स इन न्यूट्रिशन" जर्नल में प्रकाशित शोध से पता चलता है कि चींटियों में एंटी-ऑक्सीडेंट होता है और उनको नियमित रूप से खाने से कैंसर रोकने में मदद मिल सकती है।
"यही वजह है कि बारिचरा के लोग लंबी और सेहतमंद जिंदगी जीते हैं"- यह दावा है सेसिलिया गोजालेज-क्विंटेरो का जो पिछले 20 साल से कांच के जार में चींटियां बेच रही हैं। "चींटियां हमें विशेष ताकत देती हैं- खासकर बड़ी नितंब वाली रसदार चींटियां।"
पारंपरिक खाना
सांटेंडर के आसपास पिछले 1400 साल से होर्मिगस कुलोनस को खाया जाता है। ऐतिहासिक रिकॉर्ड के मुताबिक मध्य कोलंबिया के देसी गुआन लोगों ने सबसे पहले 7वीं सदी में चींटियों की खेती और उसे खाना शुरू किया था। बाद में स्पेन से आए लोगों ने भी यह आदत अपना ली। जिन परिस्थितियों में इन चींटियों को पकड़ा जाता है उस वजह से इनको कामोत्तेजक भी माना जाता है। शादियों में अक्सर चीनी मिट्टी के बर्तनों में भरकर इनको उपहार के तौर पर दिया जाता है।
एंडीज के देसी समुदायों में यह प्रथा आम है। नारंगी-पीली जमीन पर चलने और इसी रंग की मिट्टी से पारंपरिक घर बनाने के कारण इन समुदायों को पीले पैर वाले समुदाय के रूप में जाना जाता है। पास के बुकरमंगा शहर में इन चींटियों की बड़ी-बड़ी धातु की मूर्तियां बनाई गई हैं। दीवारों पर भी उनके रंग-बिरंगे चित्र देखे जा सकते हैं। टैक्सी ड्राइवर भुने हुए कुरकुरे होर्मिगस खाने के लिए रुकते हैं और बच्चे चींटियों के खिलौनों से खेलते हैं।
कोलंबिया का लजीज पकवान
हाल के वर्षों में, चींटियों के खाने की लोकप्रियता बढ़ी है। इनकी पहचान अब स्थानीय व्यंजन की जगह पौष्टिक खाने की हो गई है। ग्राहकों की मांग पूरी करने के लिए हर साल ट्रकों में भरकर रानी चींटिंयां पूरे कोलंबिया में भेजी जाती हैं। राजधानी बगोटा के महंगे रेस्तरां के सीजनल मेन्यू में भी उनको शामिल किया गया है। जैसे- मिनी-माल, जिसमें चींटियों को अमेजॉन की पिरारुकु मछली के साथ परोसा जाता है या भुने हुए बीफ के साथ काली मिर्च और चींटियों की चटनी दी जाती है। शेफ एडुआर्डो मार्टिनेज कहते हैं, "चींटियां कोलंबिया के खानपान का अहम हिस्सा हैं।"
मार्टिनेज ने चींटियों को पहली बार तब चखा था जब वह नौ साल के थे और परिवार के साथ सांटेंडर आए थे। "मैं उनके प्रयोग को बढ़ावा देना चाहता हूं ताकि यह परंपरा कायम रहे।"