Chandra Grahan 2026: अगर आप भी खगोलीय घटनाओं में दिलचस्पी रखते हैं, तो आपके लिए अगस्त का महीना बेहद खास होने वाला है। दरअसल, अगस्त महीने में साल 2026 का दूसरा और आखिरी चंद्र ग्रहण लगेगा। यह चंद्र ग्रहण अपने रंग की वजह से बेहद खास होगा। चंद्र ग्रहण के दौरान चंद्रमा खून की तरह लाल नजर आएगा, जिसे ब्लड मून कहा जाता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक सीध में आ जाते हैं, तो सूर्य की रोशनी पृथ्वी के कारण चंद्रमा पर नहीं पड़ता है, जिसे चंद्र ग्रहण कहा जाता है।
Chandra Grahan 2026: कब है साल 2026 का आखिरी चंद्र ग्रहण? क्या भारत में दिखेगा? जानिए सबकुछ
Chandra Grahan 2026: साल 2026 का दूसरा और आखिरी चंद्र ग्रहण अगस्त के महीने में लगेगा। यह ग्रहण आंशिक ग्रहण होगा। आइए जानते हैं इससे जुड़ी दिलचस्प बातें।
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क्यों और कब लगता है चंद्र ग्रहण?
दरअसल, सूर्य का पृथ्वी चक्कर लगाती है। चंद्रमा एक उपग्रह है और धरती का चक्कर लगाता है। इस दौरान एक वक्त ऐसा आता है, जब सूर्य और चंद्रमा के बीच पृथ्वी आ जाती है। इसके कारण सूर्य की रोशनी चंद्रमा तक नहीं पहुंचती है और पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है। इस खगोलीय घटना को चंद्र ग्रहण कहते हैं। पूर्णिमा के दिन चंद्र ग्रहण लगता है। हिन्दू पंचांग के मुताबिक, हर महीने के शुक्ल पक्ष की आखिर तिथि को पूर्णिमा पड़ती है।
तीन तरह के होते हैं चंद्र ग्रहण
चंद्र ग्रहण तीन तरह के होते हैं। यह इस पर निर्भर होता है कि सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक सीध में किस प्रकार हैं। पूर्ण चंद्र ग्रहण, आंशिक चंद्र ग्रहण और उपछाया चंद्र ग्रहण होता है।
पूर्ण चंद्र ग्रहण
यह चंद्र ग्रहण तब होता है, जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक सीध में होते हैं। सूर्य की किरणों को पृथ्वी पूरी तरह रोक देती है। ग्रहण के समय पृथ्वी की छाया चंद्रमा को पूरी तरह ढक लेती है।
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आंशिक चंद्र ग्रहण
इस ग्रहण के दौरान सूर्य और चंद्रमा के बीच पृथ्वी आ जाती है, लेकिन पूरी तरह से नहीं ढकती है। पृथ्वी की छाया चंद्रमा के सिर्फ एक भाग पर पड़ती है, जिससे चंद्रमा का कुछ भाग अंधेरा और कुछ चमकीला नजर आता है।
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उपछाया चंद्र ग्रहण
इस ग्रहण के दौरान पृथ्वी की छाया का हल्का बाहरी हिस्सा चंद्रमा की सतह पर पड़ता है, जिसे देखना मुश्किल होता है। इस ग्रहण के दौरान चंद्रमा सिर्फ थोड़ा धुंधला या मटमैला दिखता है।