Chhath Puja 2022: हिंदू धर्म में छठ पूजा का विशेष महत्व है। कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को छठ पूजा का पर्व मनाया जाता है। इस बार 28 अक्तूबर से छठ पूजा की शुरुआत होगी और 31 अक्तूबर को इसका समापन होगा। छठ पूजा के दिन भगवान सूर्यदेव और छठी मैया की पूजा होती है। इस दौरान 36 घंटे का कठिन निर्जला उपवास रखा जाता है। कार्तिक माह की चतुर्थी तिथि को पहले दिन नहाय खाय, दूसरे दिन खरना, तीसरे दिन डूबते सूर्य और चौथे दिन उगते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है।
Chhath Puja 2022: डेढ़ लाख साल पुराना है बिहार का ये सूर्य मंदिर, भगवान विश्वकर्मा ने किया था निर्माण
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देशभर में भगवान सूर्य के कई प्रसिद्ध और प्राचीन मंदिर हैं। इन सूर्य मंदिरों में सबसे पहले कोणार्क के सूर्य मंदिर का नाम आता है, लेकिन बिहार में एक सूर्य मंदिर स्थित है जो लोगों के आस्था का केंद्र है। राज्य के औरंगाबाद जिले में स्थित यह बेहद रहस्यमयी मंदिर है। छठ महापर्व पर इस मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ जमा होती है। इस मंदिर में छठ पूजा करने के लिए यहां पर बिहार के अलावा कई राज्यों के लोग आते हैं।
हिंदू मान्यताओं के मुताबिक, इस प्राचीन सूर्य मंदिर का निर्माण भगवान विश्वकर्मा ने खुद एक रात में किया था। देश का यह पहला ऐसा मंदिर है जिसका दरवाजा पश्चिम दिशा की तरफ है। इस मंदिर में सात घोड़े वाले वाले रथ पर भगवान सूर्य सवार हैं।
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इस प्रसिद्ध मंदिर में भगवान सूर्य के तीनों रूपों उदयाचल-प्रात: सूर्य, मध्याचल- मध्य सूर्य और अस्ताचल -अस्त सूर्य के रूप में प्रतिमा स्थापित है। बताया जाता है कि छठ पूजा की शुरुआत यहीं से हुई थी। छठ पूजा में इस मंदिर का काफी महत्व है।
यह मंदिर करीब एक सौ फीट ऊंचा है। इसके साथ ही यह प्राचीन मंदिर स्थापत्य और वास्तुकला का अद्भुत उदाहरण है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, इस मंदिर का निर्माण डेढ़ लाख साल पहले किया गया था। आयताकार, वर्गाकार, अर्द्धवृत्ताकार, गोलाकार, त्रिभुजाकार पत्थर से इस मंदिर को बनाया गया है। इसके निर्माण में गारा या सीमेंट का इस्तेमाल नहीं हुआ है। अभी तक यह रहस्य है कि इस मंदिर का एक रात में कैसे निर्माण किया गया।
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