सब्सक्राइब करें

अंग्रेजों के समय भी होता था लॉकडाउन, महीनेभर की सैलरी मिलती थी मुफ्त

फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: नवनीत राठौर Updated Fri, 18 Sep 2020 09:30 AM IST
विज्ञापन
coronavirus lockdown used during British era laborers get one month salary
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : PTI

वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण और उससे बचने के लिए दुनियाभर में लॉकडाउन की व्यवस्था लागू की गई है। हालांकि, इस लॉकडाउन ने समाज के सामने बहुत से सवाल खड़े कर दिए हैं। समाज को हो रही कठिनाइयों के वजह से हर देश की सरकार लॉकडाउन में छुट दे रही है। वैसे हमारे बीच ऐसे कई लोग होंगे, जिन्होंने लॉकडाइन शब्द पहली बार सुना होगा। लेकिन भारत में इसका इतिहास बहुत पुराना है।

Trending Videos
coronavirus lockdown used during British era laborers get one month salary
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

19वीं और 20वीं सदी के दौरान हैजा और प्लेग जैसी बीमारियों से हमारा देश बहुत प्रभावित था। ब्रिटिश काल के दौरान भी हैजा कई बार फैला। इस घातक बीमारी से घबराई हुई अंग्रेज सरकार ने प्रभावित इलाकों में लॉकडाउन का निर्देश दे दिया। हालांकि, उस समय लॉकडाउन की जगह हॉलीडे शब्द प्रयोग किया जाता था। बता दें कि उस समय भी कंटेनमेंट जोन, आइसोलेशन और प्रवासियों के साथ बीमारी फैलने का डर हुआ करता था। इतने लंबे समय के बाद आज ये सभी बातें कोविड-19 के मामले में दिखती हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
coronavirus lockdown used during British era laborers get one month salary
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

दस्तावेज भी हैं मौजूद
उस दौरान लॉकडाउन के लिए अपनाए जाने वाले तरीकों के दस्तावेज भी मिलते हैं। अंग्रेजों ने हॉलीडे टर्म को अपनाते हुए लोगों को क्वारंटाइन में रखा था, इस बात का जिक्र ब्रिटिश इंडिया के आधिकारिक रिकॉर्ड National Archives of India (NAI) में मिलता है। इसके साथ ही ब्रिटिश इंडिया मेडिकल हिस्ट्री के आर्काइव में पता चलता है कि किसी खास हिस्से में बीमारी फैलने की खबर मिलते ही उस जगह से दूसरी जगहों का संपर्क लगभग काट दिया जाता था।

coronavirus lockdown used during British era laborers get one month salary
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

प्रवासी मजदूरों को मुफ्त तनख्वाह
कोरोना काल में जिस तरह की समस्या प्रवासी मजदूरों के सामने आई थी, ठीक इसी तरह उस समय भी थी। शहर में काम करने आए मजदूर अगर बड़ी संख्या में लौटेंगे, तो बीमारी लेकर लौटेंगे। इस बात को देखते हुए ब्रिटिश इंडिया ने खास हल निकाला। मजदूरों को उनके घरों के आसपास या लगभग तीन किलोमीटर के दायरे में काम दिलवाने की कोशिश होती थी ताकि बाहर नहीं जाना पड़े। इतना ही नहीं मजदूरों को 32 दिनों की तनख्वाह भी एडवांस दी जाती थी।

विज्ञापन
coronavirus lockdown used during British era laborers get one month salary
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : पीटीआई

तैयार होती थी रणनीति
ब्रिटिश काल के दौरान फैली संक्रामक बीमारियों को रोकने के लिए खास रणनीति तैयार की गई थी। इसके लिए अंग्रेज सरकार मजदूरों को महीनेभर घर में रहने के लिए भी तनख्वाह देती थी। मजदूर घर में रहते हुए अपने सेहत का ध्यान रखते थे। साथ ही प्रवासी मजदूरों को छोटे-छोटे समूहों में गांव भेजा जाता था।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Bizarre News in Hindi related to Weird News - Bizarre, Strange Stories, Odd and funny stories in Hindi etc. Stay updated with us for all breaking news from Bizarre and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed