फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

ISS: क्या है अंतरिक्ष स्टेशन? जहां फंसी थीं सुनीता विलियम्स, 90 मिनट में लगाता है पृथ्वी का एक चक्कर

Thu, 20 Mar 2025 12:02 PM IST
धर्मेंद्र सिंह फीचर डेस्क, अमर उजाला
फीचर डेस्क, अमर उजाला Published by: धर्मेंद्र सिंह Updated Thu, 20 Mar 2025 12:02 PM IST
सार

International Space Station: पृथ्वी की कक्षा में स्थित अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन एक बड़ा अंतरिक्ष यान है, जो एक घर के तौर काम करता है। यहां पर अंतरिक्ष यात्रियों की टीम रहती है। यह एक अनोखा प्रयोगशाल है।

विज्ञापन
International Space Station Orbits Earth Every 90 Minutes What Nasa Astronauts Do On Iss Know Interesting Fact
क्या है अंतरिक्ष स्टेशन? जहां फंसी थीं सुनीता विलियम्स, 90 मिनट में लगाता है पृथ्वी का एक चक्कर - फोटो : NASA

ISS: भारतीय मूल की नासा की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर नौ महीने बाद धरती पर वापस लौट आए हैं। दोनों अंतरिक्ष यात्री अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) पर पर नौ महीने से फंसे थे। सुनीता और विल्मोर के वापस आने के बाद अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन की खूब चर्चा हो रही है। लोगों के मन में सवाल है कि आखिर अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन क्या है और वैज्ञानिक वहां पर जाकर क्या करते हैं? आज हम आपको अपनी इस खबर में विस्तार से बताएंगे कि अंतरिक्ष स्टेशन क्या है और वैज्ञानिक वहां जाकर क्या करते हैं। 



क्या है अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन?

पृथ्वी की कक्षा में स्थित अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन एक बड़ा अंतरिक्ष यान है, जो एक घर के तौर काम करता है। यहां पर अंतरिक्ष यात्रियों की टीम रहती है। यह एक अनोखा प्रयोगशाल है। कई देशों ने अंतरिक्ष स्टेशन का निर्माण किया है और इसका इस्तेमाल करते हैं। अंतरिक्ष स्टेशन उन भागों से बना है जिन्हें अंतरिक्ष यात्रियों ने अंतरिक्ष में ही जोड़ा था।
 

International Space Station Orbits Earth Every 90 Minutes What Nasa Astronauts Do On Iss Know Interesting Fact
अंतरिक्ष स्टेशन पर क्या करते हैं अंतरिक्ष यात्री - फोटो : NASA

सिर्फ 90 मिनट में करता है पृथ्वी की परिक्रमा

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन करीब 402 किमी की औसत ऊंचाई पर पृथ्वी का चक्कर लगाता है। सबसे हैरानी वाली बात यह है कि 28 हजार किमी प्रति घंटे की रफ्तार से यह अंतरिक्ष में घूमता है। हर 90 मिनट में पृथ्वी की परिक्रमा करता है। नासा की तरफ से अंतरिक्ष स्टेशन का अंतरिक्ष में रहने और काम करने के बारे में अधिकारी जानकारी के लिए इस्तेमाल करता है। 
 

International Space Station Orbits Earth Every 90 Minutes What Nasa Astronauts Do On Iss Know Interesting Fact
अंतरिक्ष स्टेशन 90 मिनट में लगाता है पृथ्वी का एक चक्कर - फोटो : NASA

आईएसएस पर कब पहुंची थी अंतरिक्ष यात्रियों की पहली टीम

अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर 2 नवंबर 2000 को पहली बार अंतरिक्ष यात्रियों की टीम पहुंची थी। तब से ही अंतरिक्ष यात्री आईएसएस पर जा रहे हैं। समय के साथ ही इसमें कई हिस्से जोड़े गए हैं। नासा और दुनियाभर के उसके भागीदारों ने साल 2011 में अंतरिक्ष स्टेशन का निर्माण पूरा किया था। अंतरिक्ष स्टेशन का आकार पांच बेडरूम वाले घर जितना बड़ा है। इसमें छह चालक दल और यहां पर आने वाले अंतरिक्ष यात्री रह सकते हैं। पृथ्वी पर अंतरिक्ष स्टेशन का वजन करीब दस लाख पाउंड होगा। इसमें अमेरिका, रूस, जापान और यूरोप के प्रयोगशाला मॉड्यूल शामिल हैं।

Sunita Williams: सुनीता विलियम्स की कितनी है सैलरी? नासा के अंतरिक्ष यात्रियों को क्या-क्या मिलती हैं सुविधाएं

विज्ञापन
विज्ञापन
International Space Station Orbits Earth Every 90 Minutes What Nasa Astronauts Do On Iss Know Interesting Fact
कई देशों ने मिलकर बनाया है अंतरिक्ष स्टेशन - फोटो : NASA

आईएसएस पर क्या काम करते हैं अंतरिक्ष यात्री

अंतरिक्ष स्टेशन पर प्रयोगशालाएं हैं, जहां अंतरिक्ष यात्री शोध करते हैं। साथ ही इसके कई भाग हैं। अंतरिक्ष यात्री बाहर की तरफ खुलने वाले एयरलॉक के माध्यम से अंतरिक्ष में पहुंच सकते हैं। डॉकिंग पोर्ट दूसरे अंतरिक्ष यान को अंतरिक्ष स्टेशन से जुड़ने की इजाजत देते हैं। नए चालक दल और अंतरिक्ष यात्री पोर्ट्स के माध्यम से आते हैं। 

Spacex: जिस ड्रैगन कैप्सूल से वापस आईं सुनीता विलियम्स, उसके एक सीट का किराया जानकर घूम जाएगा आपका दिमाग

विज्ञापन
International Space Station Orbits Earth Every 90 Minutes What Nasa Astronauts Do On Iss Know Interesting Fact
अंतरिक्ष पर शोध भी करते हैं अंतरिक्ष यात्री - फोटो : SpaceX

अंतरिक्ष स्टेशन की प्रयोगशालाओं में अंतरिक्ष यात्री शोध करते हैं, जो कहीं और नहीं किया जा सकता है। इसे वैज्ञानिक शोध से पृथ्वी पर लोगों को फायदा मिलता है। रोजमर्रा की जिंदगी में भी अंतरिक्ष अनुसंधान का इस्तेमाल किया जाता है। वैज्ञानिक यह भी शोध करते हैं जब कोई व्यक्ति लंबे समय तक माइक्रोग्रैविटी में रहता है, तो शरीर में क्या होता है।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Bizarre News in Hindi related to Weird News - Bizarre, Strange Stories, Odd and funny stories in Hindi etc. Stay updated with us for all breaking news from Bizarre and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed