इटली के एक झील से 71 साल बाद एक खोये हुए गांव के अवशेष मिले हैं। यह गांव साल 1950 में ही गायब हो गया था। क्यूरोन नामक इस गांव में दशकों पहले सैकड़ों लोगों का परिवार रहता था। लेकिन जलविद्युत संयंत्र बनाने के लिए 71 साल पहले देश की सरकार ने एक बांध का निर्माण करवाया और इसके लिए दो झीलों को आपस में मिला दिया। दो झीलों के मिलने का नतीजा ये हुआ कि क्यूरोन गांव का वजूद ही मिट गया।
अजब-गजब: इटली का वो ऐसा खोया हुआ गांव, जो 71 साल बाद एक झील में मिला
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साल 1950 में जब जलाशय के निर्माण के लिए दो झीलों को आपस में मिलाया गया, तो क्यूरोन गांव में स्थित सैकड़ों गांव जलमग्न हो गए। पानी में गांव के डूब जाने से लोगों को दूसरे जगह विस्थापित किया गया। इस गांव के विस्थापित होने से करीब 400 लोग पास के एक नए गांव में चले गए। वहीं करीब 600 लोग काफी दूर चले गए।
दक्षिण टायरॉल पहले ऑस्ट्रिया का हिस्सा था, लेकिन प्रथम विश्व युद्ध के दौरान इस पर इटली का कब्जा हो गया। इस क्षेत्र में रहने वाले लोगों की पहली भाषा जर्मन है। लेखक मार्को बालजानो ने क्यूरोन गांव पर एक उपन्यास लिखा। द टाइम्स से बातचीत में मार्को बालजानो ने बताया कि इस छोटे गांव से जुड़ी यादें काफी कष्ट देती हैं।
इतना ही नहीं इस गांव के इतिहास पर साल 2020 में नेटफ्लिक्स पर क्यूरोन नामक एक ड्रामा प्रसारित हुआ।
Curon come non si era mai vista!
Per motivi di manutenzione, hanno semi prosciugato il lago di Resia e sono riaffiorati i resti dell’antico paese ci Curon!❤️
Una strana sensazione camminare sulle macerie delle case...#curon #lagodiresia #reschensee #altoadige #südtirol pic.twitter.com/VtZGdSPHoU