फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Female Naga Sadhu: कुंभ के बाद कहां चली जाती हैं महिला नागा साधु, जानिए इनके जीवन से जुड़ी रहस्यमयी बातें

Mon, 17 Feb 2025 01:02 PM IST
धर्मेंद्र सिंह फीचर डेस्क, अमर उजाला
फीचर डेस्क, अमर उजाला Published by: धर्मेंद्र सिंह Updated Mon, 17 Feb 2025 01:02 PM IST
सार

Female Naga Sadhu: पुरुषों की तरह ही महिला नागा साधु भी होती हैं। महिला नागा साधु भी अपने जीवन को पूरी तरह से ईश्वर को समर्पित कर देती हैं। आज हम आपको अपनी खबर में यह बताएंगे कि आखिर कुंभ के बाद महिला नागा साधु कहां चली जाती हैं और क्या करती हैं? 
 

विज्ञापन
Mahila Naga Sadhus Where Do They Go After MahaKumbh Prayagraj Know interesting facts and Mysteries
कुंभ के बाद कहां चली जाती हैं महिला नागा साधु - फोटो : PTI

Female Naga Sadhu: प्रयागराज में गंगा, युमना और सरस्वती नदी के संगम तट पर दुनिया का सबसे बड़े धार्मिक मेला महाकुंभ में अभी तक 45 करोड़ से ज्यादा पवित्र डुबकी लगा चुके हैं। 13 जनवरी 2025 से शुरू हुआ महाकुंभ 26 फरवरी 2025 तक चलेगा। गंगा, यमुना और सरस्वती के पवित्र संगम में स्नान करने के लिए साधु-संतों के अलावा दुनियाभर से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। महाकुंभ में नागा साधु सबसे ज्यादा आकर्षण का केंद्र हैं। सनातन धर्म में नागा साधुओं को धर्म का रक्षक माना जाता है।



 नागा साधुओं को 12 वर्षों की कठोर तपस्या करनी पड़ती है। नागा साधु भगवान शिव के वैरागी स्वरूप की पूजा करते हैं। महाकुंभ में देशभर से नागा साधु पहुचे हैं, जो लोगों के लिए सबसे अधिक आकर्षण का केंद्र हैं। नागा साधु, बिना कपड़े के, शरीर पर भस्म और लंबी जटाओं की वजह से भीड़ में सबसे अलग नजर आते हैं। नागा साधुओं के बारे में कम जानकारी होने की वजह से इनके विषय में जानने की लोगों में अधिक उत्सुकता होती है। पुरुषों की तरह ही महिला नागा साधु भी होती हैं। महिला नागा साधु भी अपने जीवन को पूरी तरह से ईश्वर को समर्पित कर देती हैं। आज हम आपको अपनी खबर में यह बताएंगे कि आखिर कुंभ के बाद महिला नागा साधु कहां चली जाती हैं और क्या करती हैं? 
 

Mahila Naga Sadhus Where Do They Go After MahaKumbh Prayagraj Know interesting facts and Mysteries
कुंभ के बाद कहां चली जाती हैं महिला नागा साधु - फोटो : Adobe Stock

कुंभ के बाद कहां चली जाती हैं महिला नागा साधु

महाकुंभ में वसंत पचंमी के अमृत स्नान के बाद नागा साधु लौटने लगे हैं। अब लोगों के मन में सवाल है कि आखिर कुंभ के बाद महिला नागा साधु कहां जाती हैं? बता दें कि कुंभ के बाद महिला नागा साधु अपने-अपने अखाड़ों में वापस चली जाती हैं। वहां पर रहकर महिला नागा साधु तप-साधना और ध्यान करती हैं। इसके साथ ही वे धार्मिक शिक्षा भी देती हैं। कई बार वे सुदूर जंगलों-गुफाओं में एकांत में रहकर साधना करती हैं। कुंभ में भी महिला नागा साधुओं की विशेष व्यवस्था होती है। वे भी अमृत स्नान शामिल होती हैं। 
 

Mahila Naga Sadhus Where Do They Go After MahaKumbh Prayagraj Know interesting facts and Mysteries
कुंभ के बाद कहां चली जाती हैं महिला नागा साधु - फोटो : Adobe Stock

जीवित रहते ही कर देती हैं पिंडदान

कठिन तपस्या के बाद महिला नागा साधु का दर्जा मिलता है। पुरुष नागा साधु की तरह ही सालों की तपस्या के बाद उन्हें नागा साधु की दीक्षा मिलती है। महिला नागा साधुओं को अपने बाल मुंडवाकर स्वयं का पिंडदान करना होता है। फिर दीक्षा के बाद नया नाम दिया जाता है। उन्हें सांसारिक जीवन से पूरी तरह दूर होकर सिर्फ प्रभु की भक्ति में लीन रहना होता है। 

Naga Sadhu: नागा साधुओं के शव को नहीं जलाया जाता है, जानिए आखिर कैसे किया जाता है उनका अंतिम संस्कार

विज्ञापन
विज्ञापन
Mahila Naga Sadhus Where Do They Go After MahaKumbh Prayagraj Know interesting facts and Mysteries
कुंभ के बाद कहां चली जाती हैं महिला नागा साधु - फोटो : Adobe Stock

महिला नागा साधुओं का जीवन सबसे अलग होता है

महिला नागा साधुओं का जीवन सबसे निराला और अलग होता है। गृहस्थ जीवन से दूर हो चुकीं महिला नागा साधुओं की दिन की शुरुआत और अंत दोनों पूजा-पाठ के साथ ही होती है। इनका जीवन कई तरह की कठिनाइयों से भरा होता है। महिला नागा साधुओं को दुनिया से कोई मतलब नहीं होता है और इनकी हर बात निराली होती है। 

Naga Sadhu: अमृत स्नान के बाद महाकुंभ से लौटने लगे नागा साधु, जानिए अब कहां जमाएंगे डेरा और क्या करेंगे?

विज्ञापन
Mahila Naga Sadhus Where Do They Go After MahaKumbh Prayagraj Know interesting facts and Mysteries
कुंभ के बाद कहां चली जाती हैं महिला नागा साधु - फोटो : Adobe Stock

अखाड़े बनाते हैं नागा साधु

महिला नागा साधु बनने के बाद सभी साधु-साध्वियां उन्हें माता कहकर पुकारती हैं। माई बाड़ा में महिला नागा साधु होती हैं जिसे अब विस्तृत रूप देने के बाद दशनाम संन्यासिनी अखाड़ा का नाम दिया गया है। साधु-संतों में नागा एक पदवी होती है। साधुओं में वैष्णव, शैव और उदासीन संप्रदाय हैं। इन तीनों संप्रदायों के अखाड़े नागा साधु बनाते हैं। 

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Bizarre News in Hindi related to Weird News - Bizarre, Strange Stories, Odd and funny stories in Hindi etc. Stay updated with us for all breaking news from Bizarre and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed