Monsoon El Nino: भारत के ज्यादा हिस्सों में मानसून कमजोर पड़ गया है। भारतीय मानसून पर अल-नीनो का प्रभाव दिखने लगा है। यूरोपियन सेंटर फॉर मीडियम रेंज वेदर फोरकास्ट्स (ECMWF) ने नई C3S मल्टी-सिस्टम फोरकास्ट रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट में अगस्त, सितंबर और अक्टूबर के लिए चिंता बढ़ाने वाली बातें कही गई हैं।
Monsoon El Nino: भारत में अगले तीन महीने कैसा रहेगा मौसम? अल-नीनो को लेकर यूरोपियन एजेंसी की डरावनी रिपोर्ट
Monsoon El Nino: यूरोपियन सेंटर फॉर मीडियम रेंज वेदर फोरकास्ट्स (ECMWF) ने अगस्त, सितंबर और अक्टूबर के लिए एक नई रिपोर्ट जारी की है। इसमें भारत की चिंता बढ़ाने वाली बातें कही गई हैं।
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विश्व मौसम संगठन (WMO) और अमेरिका के राष्ट्रीय महासागरीय और वायुमंडलीय प्रशासन के मुताबिक, भारत में मजबूत अल-नीनो के दौरान 10-20 फीसदी कम बारिश होती है। 2026 में अल-नीनो पहले के अनुमान से अधिक ताकतवर दिख रहा है, जो अगस्त से अक्टूबर तक अपना प्रभाव बनाकर रख सकता है।
यूरोपियन सेंटर फॉर मीडियम रेंज वेदर फोरकास्ट्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अल-नीनो के अलावा इंडियन ओशन डाइपोल (IOD) भी कमजोर और देरी से बन रहा है। आमतौर पर आईओडी अल नीनो के प्रभाव को कम करता है, लेकिन इस बार उसकी गैरमौजूदगी से स्थिति बिगड़ रही है।
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रिपोर्ट की मुख्य बातें
C3S मल्टी-सिस्टम फोरकास्ट के मुताबिक, अगस्त-सितंबर-अक्टूबर में भारत के मध्य और पश्चिमी इलाकों में सबसे कम बारिश की संभावना है। इन इलाकों में सिर्फ 40 से 60 फीसदी तक बारिश होने की सभावना है। महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान जैसे सूखा प्रभावित राज्यों में सबसे खतरा है। जून के मॉडल की तुलना में जुलाई में बारिश का आउटलुक और अधिक खराब हुआ है। एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक, जलवायु परिवर्तन की वजह से अल-नीनो घटनाएं ज्यादा तेज और बार-बार हो रही हैं।
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कई मॉडल मौसम की निगरानी कर रहे हैं। हालांकि, मौसम पूर्वानुमान में 2-3 महीने आगे की सटीकता सीमित रहती है। अगर आईओडी अचानक ताकतवर हो जाता है, तो स्थिति में कुछ अच्छी हो सकती है। यूरोपियन सेंटर फॉर मीडियम रेंज वेदर फोरकास्ट्स की रिपोर्ट में अगले तीन महीने के लिए चेतावनी दी गई है। अल-नीनो के ताकतवर होने और आईओडी के कमजोर होने की वजह से भारत में बारिश सामान्य से काफी कम होने की आशंका है।