Mystery of Universe: ब्रह्मांड अपने भीतर अनगिनत रहस्यों को समेटे हुए है। इन रहस्यों का पता लगाने की बहुत कोशिश की गईं, लेकिन यह अभी तक अनसुलझे हुए हैं। सालों से वैज्ञानिक इन रहस्यों को जानने की कोशिश में लगे हुए हैं। उन्होंने कई रहस्यों से पर्दा उठा दिया है, लेकिन अभी कई ऐसे रहस्य हैं। आज हम आपको अपनी खबर में कुछ बड़े रहस्यों के बारे में बताएंगे जो अभी अनसुलझे हैं। हमेशा से ब्रह्मांड लोगों के लिए जिज्ञासाओं का केंद्र रहा है। ब्रह्मांड अनंत और असीमित है जिसमें लाखों रहस्य छिपे हैं। विज्ञान का दायरा जैसे-जैसे बढ़ा वैसे-वैसे ब्रह्मांड के रहस्य से भी पर्दा उठता गया है। अवलोकनीय ब्रह्मांड (Observable Universe) में दो खरब आकाशगंगाएं होने का अनुमान है।
Mystery of Universe: ब्रह्मांड के वो बड़े रहस्य, जिन्हें अभी तक वैज्ञानिक भी नहीं सुलझा पाए हैं
Mystery of Universe: ब्रह्मांड अपने भीतर अनगिनत रहस्यों को समेटे हुए है। इन रहस्यों का पता लगाने की बहुत कोशिश की गईं, लेकिन यह अभी तक अनसुलझे हुए हैं। सालों से वैज्ञानिक इन रहस्यों को जानने की कोशिश में लगे हुए हैं। उन्होंने कई रहस्यों से पर्दा उठा दिया है, लेकिन अभी कई ऐसे रहस्य हैं।
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ब्लैक होल
ब्लैक होल वो स्थान है जहां पर भौतिक का कोई नियम काम नहीं करता है। ब्लैक होल ब्रह्मांड का ऐसा सघन ऑब्जेक्ट है जिसमें गुरुत्वाकर्षण इतना अधिक है कि इससे लाइट भी बच कर नहीं निकल सकती। इसका निर्माण विशाल तारों के अंदर होने वाले महाविस्फोट (सुपरनोवा) की वजह से होता है। विज्ञान का दायरा बढ़ने के साथ ही ब्लैक होल के कई रहस्यों का पता लगा है, लेकिन आज भी कई रहस्य हैं।
मंगल ग्रह
कभी मंगल ग्रह पर भी धरती की तरह बड़े-बड़े समुद्र और जल धाराएं हुआ करती थीं। लेकिन वैज्ञानिकों का मानना है कि करोड़ों साल पहले हुए गुरुत्वाकर्षण की वजह से इसकी मैग्नेटिक फील्ड कमजोर हो गई होगी। इसकी वजह से मंगल ग्रह की सतह का सारा पानी भाप बन गया हो या फिर सतह के भीतर ही ठंडा होकर जम गया हो। दूसरी बात यह है कि अगर कोई प्रजाति मंगल ग्रह पर रही होगी तो जल की कमी और सूर्य की हानिकारक किरणों की वजह से समाप्त हो गई होगी। नासा के ऑर्बिटर्स से मंगल की सतह की जो जानकारी सामने आई है। अब उससे सवाल खड़ा हो रहा है कि क्या करोड़ों साल पहले मंगल ग्रह पर भी पृथ्वी की तरह ही जीवन था। अभी यह एक रहस्य है।
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कितना विशाल है ब्रह्मांड?
ब्रह्मांड कई गुना विशाल है या कहें अंतहीन है। एक रिसर्च के मुताबिक, जितनी आकाशगंगाओं की जानकारी मिली है उनकी संख्या 250 गुना से भी अधिक हो सकती है। यह सख्या इतनी अधिक है कि अगर इसे किसी इंटरनेट ब्राउजर पर सर्च करें, तो ब्राउजर को क्रैश कर सकता है। कई वरिष्ठ वैज्ञानिकों का कहना है कि एक मटर के दाने के समान यह जानकारी है। इसकी वजह से वैज्ञानिकों के पास इन पदार्थों की कोई जानकारी अभी तक नहीं है।
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डार्क मैटर और डार्क एनर्जी
अंतरिक्ष का 95 प्रतिशत हिस्सा डार्क मैटर और डार्क एनर्जी से बना हुआ है जबकि बचा 5 प्रतिशत हिस्सा भौतिक पदार्थों से बना है जिनमें ग्रह, नक्षत्र, तारे शामिल हैं, जिन्हें हम देख सकते हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि इसी से ब्रह्मांड का अस्तित्व बना है। डार्क मैटर का निर्माण ऐसे पदार्थों से हुआ है जो लाइट को ऑब्जर्व और रिफ्लेक्ट नहीं करते। इसकी वजह से वैज्ञानिकों के पास इन पदार्थों की कोई जानकारी नहीं है।