Saturn Ring Mystery: अंतरिक्ष रहस्यों से भरा हुआ है। वैज्ञानिक इन रहस्यों को समझने की कोशिश में लगे हुए हैं। शनि ग्रह के विशाल छल्ले भी इन रहस्यों में से एक है। सदियों से चले आ रहे इस रहस्य को लेकर वैज्ञानिकों ने बड़ा खुलासा किया है। शनि ग्रह के छल्ले का निर्माण कैसे हुआ, इस रहस्य से वैज्ञानिकों ने पर्दा उठाया है। उन्होंने बताया कि शनि ग्रह के चक्कर लगाने वाले दो चंद्रमा के बीच टक्कर हुई, जिसके बाद इन छल्लों का निर्माण हुआ है।
Saturn Ring Mystery: शनि ग्रह के छल्लों का कैसे हुआ निर्माण? नासा ने रहस्य से उठाया पर्दा, चांद से है संबंध
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बृहस्पति के बाद शनि ग्रह सबसे बड़ा है। नए शोध में शनि ग्रह के छल्लों के रहस्य से पर्दा उठ गया है। दर्जनों कंप्यूटर पर सिमुलेशन के बाद इस शोध को तैयार किया गया है। वैज्ञानिकों ने इसमें नासा के कैसिनी मिशन के आंकड़ों का प्रयोग किया था।
साल 2004 से लेकर 2017 के बीच कैसिनी स्पेसक्राफ्ट ने शनि ग्रह का चक्कर लगाया था। नासा के इस स्पेसक्राफ्ट ने पता लगाया कि जिस मैटेरियल से इस छल्ले का निर्माण हुआ है, उसमें बर्फ के कण मौजूद हैं और वह बहुत प्राचीन हैं। उन्हें धूल प्रदूषित नहीं कर पाया है।
साल 1610 में गैलिलियो ने सबसे पहले शनि ग्रह के इन छल्लों की खोज की थी। कैसिनी के डेटा से जानकारी मिली है कि शनि ग्रह के इन छल्लों का अभी बहुत कम समय पहले निर्माण हुआ है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, इनकी उम्र कुछ लाख साल हो सकती है।
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हमारा सोलर सिस्टम का इतिहास 4.5 अरब साल पुराना है। नासा और ब्रिटेन के दरहम यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञ इस शोध में शामिल हैं। इन वैज्ञानिकों का अनुमान है कि हाल के समय में दो चंद्रमाओं के टकराने के बाद शनि ग्रह के छल्लों का निर्माण हुआ है।
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