Smallest Day of the Year: धरती पर हर साल सबसे छोटा दिन होता है। इस बार 22 दिसंबर को साल का सबसे छोटा दिन (Shortest Day) और सबसे लंबी रात (Longest Night) होगी। सबसे खास बात यह है कि सबसे छोटे दिन में हर साल बदलाव देखने को मिलता है। बीते साल 21 दिसंबर को सबसे छोटा दिन और लंबी रात थी।
Smallest Day: इस दिन होगी साल की सबसे बड़ी रात, सिर्फ इतने घंटे का होगा दिन, जानिए इसके पीछे का रोचक विज्ञान
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जानिए क्या है वजह
खगोलीय घटना की जानकारी रखने वालों के मुताबिक, सूर्य के चारों तरफ धरती के परिभ्रमण की वजह से 22 दिसंबर को मकर रेखा पर सूर्य लंबवत होगा। इसकी वजह से उत्तरी गोलार्द्ध में सबसे बड़ी रात और सबसे छोटा दिन होगा। 22 दिसंबर को देश के अलग-अलग स्थानों पर सूर्योदय सुबह छह बजकर कुछ मिनट से लेकर सात बजकर कुछ मिनट पर होगा। उदाहरण के तौर पर दिल्ली में 22 दिसंबर को सात बजकर 11 मिनट पर सूर्योदय और 5.29 मिनट पर सूर्यास्त होगा। यानी देश की राजधानी में आज दिन 10 घंटे और 19 मिनट का होगा। कोलकाता में 6.12 मिनट पर सूर्योदय होगा जबकि 4.58 मिनट पर सूर्यास्त होगा।
वैज्ञानिकों के मुताबिक, 22 दिसंबर को सूरज कर्क रेखा की ओर से मकर रेखा यानी उत्तरायण से दक्षिणायन की तरफ आता है। इस दिन से पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी बढ़ती है और मैदानी इलाकों में ठंड अधिक होने लगती है।
विंटर सोल्स्टिस भी कहा जाता है
सबसे छोटे दिन को विंटर सॉल्सटिस (Winter solstice) भी कहा जाता है। सॉल्सटिस एक लैटिन शब्द है जो सोल्स्टिम से बना है। लैटिन शब्द सोल का अर्थ होता है सूर्य जबकि सेस्टेयर का अर्थ होता है स्थिर खड़ा रहना। इन दोनों शब्दों को मिलाकार सॉल्सटिस शब्द बना है। इसका अर्थ होता है सूर्य का स्थिर रहना। इस दिन धरती झुके हुए अक्ष पर घूमती है जिसकी वजह से साल का सबसे छोटा दिन और सबसे लंबी रात होती है।
इन देशों में होता है बड़ा दिन
विंटर सॉल्सटिस के दौरान दक्षिणी गोलार्द्ध में सूर्य की किरणें अधिक पड़ती हैं, जबकि उत्तरी गोलार्द्ध में कम। इसकी वजह से उत्तरी गोलार्द्ध में रात लंबी होती है और दिन छोटा। दक्षिणी गोलार्ध में सूर्य सबसे ज्यादा देर तक रहता है और इस इलाके में पड़ने वाले देशों में इस दिन सबसे बड़ा दिन होता है। अर्जेंटिना, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका जैसे देशों में इस दिन से गर्मी की शुरुआत हो जाती है।
धरती की स्थित की वजह से दक्षिणी गोलार्ध में इस दिन सबसे बड़ा दिन होता है, तो दूसरे क्षेत्र में सबसे छोटा दिन। दूसरे ग्रहों की तरह धरती भी 23.5 डिग्री पर झूकी हुई है। झुके हुए अक्ष पर धरती के घूमने से सूर्य की किरणें एक जगह अधिक और दूसरी जगह कम पड़ती हैं।