Surya Grahan 2025: खगोलीय घटनाओं में दिलचस्पी रखने वाले लोगों के लिए मार्च का आखिरी सप्ताह बेहद खास है। दरअसल, 29 मार्च को साल का पहला सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है। यह सूर्य ग्रहण दोपहर 2 बजकर 21 मिनट से लेकर शाम 6 बजकर 14 मिनट तक रहेगा। यह एक खंडग्रास सूर्य ग्रहण होगा।
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Surya Grahan 2025: खगोलीय घटनाओं में दिलचस्पी रखने वाले लोगों के लिए मार्च का आखिरी सप्ताह बेहद खास है। दरअसल, 29 मार्च को साल का पहला सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है।
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तीन प्रकार के होते हैं सूर्य ग्रहण
जब सूर्य और धरती के बीच चंद्रमा आ जाता है, तो चांद के पीछे सूर्य का बिंब कुछ समय के लिए पूरी तरह से ढक जाता है। इस प्रक्रिया को ही सूर्य ग्रहण लगना कहा जाता है। इस दौरान जिस जगह पर परछाई पड़ रही होगी वहां आसमान में सूर्य आधा या पूरा ढका दिखेगा। वैज्ञानिकों के मुताबिक, जब सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी एक सीधी रेखा में आते हैं, तो सूर्य ग्रहण लगता है। सूर्य ग्रहण तीन प्रकार के होते हैं।
पूर्ण सूर्य ग्रहण
पूर्ण सूर्य ग्रहण की स्थित तब बनती है, जब धरती और सूर्य के बीच चंद्रमा आ जाता है। चंद्रमा की छाया पूरी तरह धरती को ढक लेती है। इस स्थिति में चंद्रमा की पूर्ण छाया धरती पर पड़ती है, जिससे अंधेरा सा नजारा हो जाता है। इस अवस्था को पूर्ण सूर्य ग्रहण कहा जाता है।
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वलयाकार सूर्य ग्रहण
इस सूर्य ग्रहण में धरती से चंद्रमा दूर होता है। इस समय चांद, सूर्य को पूरी तरह नहीं ढकता है, लेकिन इस दौरान सूर्य रिंग आफ फायर जैसा दिखता है और आकार में भी छोटा दिखता है।
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आंशिक सूर्य ग्रहण
आंशिक सूर्य ग्रहण तब लगता है, जब सूर्य और पृथ्वी के बीच से चंद्रमा गुजरता है, लेकिन एक पक्ति में सूर्य, चंद्रमा और धरती नहीं होते हैं। सूर्य का सिर्फ एक भाग ही ढका हुआ नजर आएगा। आंशिक सूर्य ग्रहण को ही खंडगास सूर्य ग्रहण कहा जाता है।