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विदेशी नहीं अब देसी आवारा कुत्ता बना पुलिस की शान, हजारों के खर्च में किया लाखों का काम

Tue, 19 Nov 2019 07:26 PM IST
नवनीत राठौर फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: नवनीत राठौर Updated Tue, 19 Nov 2019 07:26 PM IST
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uttarakhand police recruits street indian dog breed as part of squad dog
देसी कुत्ता - फोटो : अमर उजाला

हमारे आसपास न जाने कितने अवारे कुत्ते घूमते हैं। कोई उन पर रहम करते हुए खाना खिला देता है तो वहीं कोई उनसे डरकर पत्थर और डंडों की उनपर बरसात कर देता है। कई लोग तो इन बेजुबानों की शिकायत नगरपालिका से करते हैं, तो कर्मचारी उन्हें पकड़कर ले जाते हैं और शेल्टर होम में डाल देते हैं। लेकिन गलियों में घूमने वाला आवारा डॉगी, आज पुलिस के श्वान दल की शान बना हुआ है। और इसका देश में पहला प्रयोग उत्तराखंड पुलिस ने किया है। आइए जानते हैं इस कुत्ते के बारे में विस्तार से...

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

सड़कों पर घूमने वाले इस आवारा कुत्ते को जब उत्तराखंड पुलिस ने ट्रेनिंग दी तो यह नामी नस्लों के लाखों रुपये के दाम वाले डॉगी से कहीं आगे निकला। अब यह डॉगी उत्तराखंड पुलिस का सबसे फुर्तीला स्निफर डॉग है। उत्तराखंड पुलिस ने इसकी सूंघने की खूबी को अपनी ताकत बनाया और अपनी डॉग स्क्वाड का हिस्सा बना लिया। इस स्निफर डॉग का नाम ‘ठेंगा’ रखा गया है।

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आवारा डॉगी करेगा अपराध इंवेस्टिंग में मदद - फोटो : अमर उजाला

देश में पहली बार उत्तराखंड पुलिस ने गली के स्ट्रीट डॉग को श्वान दल में शामिल करने का प्रयोग किया है। 'ठेंगा' नामक यह देसी कुत्ता पुलिस में भर्ती होने वाले विलायती कुत्तों के परंपरागत नार्म्स को तोड़ दिया है। अब तक बेल्जियम, जर्मन शैफर्ड, लैबरा, गोल्डन रिटीवर आदि विदेशी नस्ल के कुत्तों को ही पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के श्वान दल का हिस्सा होते थे।

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देसी कुत्ता - फोटो : अमर उजाला

विलायती कुत्तों को खरीदने में ही प्रति कुत्ते 30 से लेकर 70 हजार रुपये में खर्च आता है। इसके अलावा उनकी ट्रेनिंग भी काफी खर्चीली होती है। अमूमन आम घरों में भी गली के बजाय विदेशी नस्ल के कुत्तों को ही ड्राइंग रूम का हिस्सा बनाया जाता है।

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

आमतौर पर सभी स्निफर डॉग की ट्रेनिंग आईटीबीपी ट्रेनिंग सेंटर में होती है। लेकिन ठेंगा की ट्रेनिंग देहरादून में ही हुई है। नौ नवंबर को पुलिस लाइन में हुई स्थापना दिवस परेड में ठेंगा अपने काबलियत प्रदर्शित कर चुका है।

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