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Waterloo: इस जंग में मारे गए सैनिकों की हड्डियों से बनाई थी खाद, सालों बाद हुआ चौंकाने वाला खुलासा

Thu, 23 Jun 2022 01:24 PM IST
धर्मेंद्र सिंह फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: धर्मेंद्र सिंह Updated Thu, 23 Jun 2022 01:24 PM IST
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Waterloo Battle Revealed After 207 Years of Human Remains Used as Fertilizer Latest News in Hindi
इस जंग में मारे गए सैनिकों से बनाई थी खाद - फोटो : iStock

Waterloo: कनाडा में स्थित शहर वाटरलू (Waterloo) की इन दिनों खूब चर्चा हो रही है। वाटरलू का अपना एक इतिहास है जिसके बारे में जानकर आप हैरत में पड़ जाएंगे। नेपोलियन की सेना और ब्रिटेन के बीच वाटरलू की जंग हुई थी। मशहूर वाटरलू की लड़ाई में हजारों लोगों की मौत हुई थी। इस लड़ाई में नेपोलियन को हार का सामना करना पड़ा था। हालांकि इस जंग के बाद भी यहां पर मानव अवशेष नहीं पाए गए। हजारों लोगों की मौत का कोई सुराग नहीं मिल पाया।



अब सवाल यह है कि आखिर मानव अवशेष कहां गायब हो गए? अब इसको लेकर हैरान करने वाला खुलासा हुआ है जिसके बारे में जानकर यकीन करना मुश्किल है। यूनिवर्सिटी ऑफ ग्लासगो सेंटर फॉर वॉर स्टडीज एंड कॉन्फ्लिक्ट आर्कियोलॉजी के प्रोफेसर पोलार्ड का कहना है कि यूरोपीय जंग का मैदान, हड्डियों का एक आसान स्रोत रहा होगा। इसकी वजह से हो सकता है कि बोन-मील बन गया हो। 

Waterloo Battle Revealed After 207 Years of Human Remains Used as Fertilizer Latest News in Hindi
इस जंग में मारे गए सैनिकों की हड्डियों से बनाई थी खाद - फोटो : iStock

 
पोलार्ड ने खुलासा करते हुए कहा है कि साल 1820 के बाद तीन अखबारों में यूरोपीय युद्धक्षेत्रों से मानव हड्डियों के आयात की खबरें प्रकाशित हुई थीं। इन खबरों में बताया गया था खाद बनाने के लिए हड्डियों का आयात किया गया है। पोलार्ड ने बताया है कि यह जंग 18 जून, 1815 को खत्म हो गई थी।

Waterloo Battle Revealed After 207 Years of Human Remains Used as Fertilizer Latest News in Hindi
इस जंग में मारे गए सैनिकों की हड्डियों से बनाई थी खाद - फोटो : iStock

जगं खत्म होने के बाद वाटरलू एक पर्यटन स्थल की तरह बन गया। यहां मची तबाही को लोग देखने के लिए आते थे। मारे गए लोगों के शरीर पर मौजूद मूल्यवान चीजों को लेकर कुछ लोग लेकर चले जाते थे। दांतों का  डेन्चर बनाया जाता था और दूसरे अंगों की अलग कीमत होती थी। 

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Waterloo Battle Revealed After 207 Years of Human Remains Used as Fertilizer Latest News in Hindi
इस जंग में मारे गए सैनिकों की हड्डियों से बनाई थी खाद - फोटो : iStock

जर्नल ऑफ कॉन्फ्लिक्ट आर्कियोलॉजी में एक नया पेपर प्रकाशित किया गया है। इसमें बताया गया है कि पुरातात्विक जांच से पता चलता है कि इंसानों की कब्रें लोगों के लिए मौका थीं। इसलिए कि मानव हड्डियां फॉस्फेट फर्टिलाइज़र बनाने का अहम जरिया होती है। 

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Waterloo Battle Revealed After 207 Years of Human Remains Used as Fertilizer Latest News in Hindi
इस जंग में मारे गए सैनिकों की हड्डियों से बनाई थी खाद - फोटो : iStock

ऐतिहासिक दस्तावेजों में तीन जगहों पर सामूहिक कब्रों का जिक्र था। इन कब्रों में 13000 लाशें दफनाई गई थीं, लेकिन पोलार्ड मानते हैं कि वहां पर खोदने से कुछ नहीं मिलने वाला है, क्योंकि इन्हीं दस्तावेजों का इस्तेमाल हड्डियों का धंधा करने वालों के लिए एक नक्शा के तौर काम किया है। इन लोगों ने हड्डियों को निकालकर ब्रिटश द्वीपों पर भेजा है। 

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