{"_id":"5bda85e1bdec2269883766fd","slug":"a-seventh-class-student-teaches-engineering-students","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"इंजीनियरिंग के छात्रों का 'गुरु' है ये सातवीं में पढ़ने वाला लड़का, इसकी कहानी चौंका देने वाली","category":{"title":"Weird Stories","title_hn":"अजब गजब","slug":"weird-stories"}}
इंजीनियरिंग के छात्रों का 'गुरु' है ये सातवीं में पढ़ने वाला लड़का, इसकी कहानी चौंका देने वाली
फीचर टीम, अमर उजाला
Updated Thu, 01 Nov 2018 10:30 AM IST
विज्ञापन
mohammed hassan ali
- फोटो : ANI
एक सातवीं कक्षा में पढ़ने वाला छात्र अगर इंजीनियरिंग के छात्रों को पढ़ा लेगा तो हैरानी तो होगी ही। है न.. लेकिन आप समझेंगे कि यह कैसे संभव है..? जी हां, हैदराबाद के एक स्कूल में सातवीं कक्षा के छात्र ने यह कमाल किया है। उम्र महज ग्यारह साल है।
Trending Videos
books
इनका नाम है 'मोहम्मद हसन अली'... इनके इरादे सुनकर आपको और अधिक हैरानी होगी। दरअसल, बाल्यकाल में इन्होंने तय कर लिया है कि ये साल 2020 तक तकरीबन एक हजार इंजीनियरिंग छात्रों को पढ़ाएंगे। इस ओर उनके कदम तेजी से बढ़ रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
books
बता दें अली छात्रों को मुफ्त में ही पढ़ाते हैं। इस बाबत अली कहते हैं कि इस पूरे काम के पीछे वह उनके नेक इरादे हैं इसलिए वे पढ़ाई के बदले कोई पैसे नहीं लेते। वो कहते हैं यह एक प्रकार से देश की सेवा है। इस काम में उनके साथ उनके माता-पिता भी खड़े हैं। इसलिए इंजीनियरिंग के छात्र भी उन्हें बेहद पसंद करते हैं। अली का कहना है वह करीब एक साल से अध्यापन का कार्य रहे हैं। उनके पास कई इंजीनियरिंग स्टूडेंट आते हैं।
Engineering
वहीं वे खुद सुबह स्कूल जाते हैं और करीब तीन बजे घर वापस आते हैं। अपने बिजी सिड्यूल से वह रोजाना खेलने का समय भी निकाल लेते हैं। इतना सबकुछ करने के बाद भी अली अपना होमवर्क करने तक का वक्त निकाल लेते हैं। है न ताज्जुब करने वाली बात..? इंजीनियरिंग के छात्रों को पढ़ाने के लिए वह छह बजे जाते हैं। इस दौरान इनसे पढ़ने वाले मैकेनिकल और इलेक्ट्रिक्ल इंजीनियरिंग के छात्र डिजाइनिंग और ड्राफटिंग सीखते हैं। अली को यह सब एक वीडियो देखने के बाद दिमाग में आया। बस यहां से प्रोत्साहन पाकर उन्होंने इस दिशा में अपने कदम बढ़ा दिए।
विज्ञापन
mohammed hassan ali
अब देखना होगा कि यह सातवीं कक्षा का बालक एक हजार इंजीनियरिंग छात्रों को पढ़ाने का सपना साकार कर पाता है कि नहीं। अली का सोचना है कि हमारे देश के छात्र इतनी पढ़ाई के बावजूद विदेशों में छोटे-मोटे काम करने जाते हैं? तभी उनके दिमाग में यह बात सामने आई कि इंजीनियर एक खास चीज है लेकिन अन्य विषयों की अपेक्षा इस दिशा में छात्र कम जाते हैं। अली कहते हैं... दरअसल, हमारे यहां के छात्र कम्युनिकेशन में काफी पिछड़े हुए हैं। जबकि मेरा पसंदीदा विषय डिजाइनिंग था इसलिए मैंने इस पर और जोर-शोर से काम शुरू कर दिया।