Who Was Real Mona Lisa: लियोनार्डो दा विंची की मशहूर पेंटिंग ‘मोनालिसा’ तो सभी ने देखी है। लेकिन बहुत कम लोग ही हैं, जो जानते हैं कि मोनालिसा असल में कौन थी। अगर आपको भी इसके बारे में अधिक जानकारी नहीं है, तो आइए हम आपको बताते हैं। रिपोर्ट्स की मानें तो लियोनार्डो दा विंची ने यह मशहूर पेंटिंग साल 1500 से 1519 के बीच बनाई थी। कई सदियों तक फ्रांस के राजाओं ने इस पर अपना कब्जा रखा। हालांकि साल 1804 से लियोनार्डो की यह पेंटिंग पेरिस के लूर म्यूजियम में बुलेट प्रूफ ग्लास में सुरक्षित रखी हुई है। इस पेंटिंग में जितनी रहस्यमय मोनालिसा की मुस्कान है, उतना ही बड़ा रहस्य ये भी है कि मोनालिसा आखिर थी कौन?
Monalisa: आखिर कौन थी मशहूर पेंटिंग वाली ‘मोनालिसा’? जिसकी कीमत जानकर उड़ जाएंगे होश
दुनिया के कुछ आर्ट एक्सपर्ट्स एक थ्योरी देते हैं। उनका दावा है कि मोनालिसा पेंटिंग में लियोनार्डो दा विंची ने खुद को ही पोर्ट्रे किया है। इस थ्योरी के तहत कहा गया है कि लियोनार्डो खुद को एक महिला के रूप में देखना चाहते थे। इस कल्पना को सच करके देखने के लिए उन्होंने मोनालिसा बनाई। तमाम थ्योरी के बाद भी इस बात की पुष्टी नहीं की जा सकती है कि मोनालिसा आखिर थी कौन।
कैसे आई राज परिवार के हाथ?
विंची फ्रांस के राजा फ्रांसिस (प्रथम) की कोर्ट में काम करते थे। साल 1519 में लियोनार्डो दा विंची की मौत के बाद यह पेंटिंग राजा के पास चली गई। इसके बाद अगली कई सदियों तक यह राज परिवार के पास ही रही। फ्रांसीसी क्रांति के समय लोगों ने यह पेंटिंग राज परिवार से छीन ली।
चोरी हो गई थी मोनालिसा
कुछ समय के लिए यह पेंटिंग नेपोलियन के बेडरूम में भी सजाई गई थी। इसके बाद इसे पेरिस के लूर म्यूजियम रखा गया। इतना ही नहीं साल 1911 में कुछ वक्त के लिए मोनालिसा चोरी हो गई। लगभग 28 महीनों बाद यह दोबारा मिल गई। दरअसल ओरीप वीन्सेन्जो इस पेंटिंग को फ्लोरेंस के एक व्यापारी को बेचने की कोशिश कर रहा था लेकिन वह ट्रैप में फंस गया।
फिल्हाल मोनालिसा की पेंटिंग लूर म्यूजियम में है, जिसे देखने के लिए लोग घंटों कतार में खड़े होते हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि एक विजिटर को ये तस्वीर देखने के लिए केवल 30 सेकंड का वक्त दिया जाता है।
