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Naga Sadhu: नागा साधुओं के शव को नहीं जलाया जाता है, जानिए आखिर कैसे किया जाता है उनका अंतिम संस्कार

Tue, 11 Feb 2025 12:31 PM IST
धर्मेंद्र सिंह फीचर डेस्क, अमर उजाला
फीचर डेस्क, अमर उजाला Published by: धर्मेंद्र सिंह Updated Tue, 11 Feb 2025 12:31 PM IST
सार

Naga Sadhu: महाकुंभ में नागा साधु सबसे ज्यादा आकर्षण का केंद्र हैं। सनातन धर्म में नागा साधुओं को धर्म का रक्षक माना जाता है। नागा साधुओं को 12 वर्षों की कठोर तपस्या करनी पड़ती है। नागा साधु भगवान शिव के वैरागी स्वरूप की पूजा करते हैं।

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Why Naga Sadhus Are Not Cremated after demise Know Unique Rituals naga sadhu ke shav ko kyu nahi jalaya jata
नागा साधुओं का कैसे किया जाता है अंतिम संस्कार - फोटो : अमर उजाला।
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Naga Sadhu: प्रयागराज में गंगा, युमना और सरस्वती नदी के संगम तट पर दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक मेला महाकुंभ चल रहा है। 13 जनवरी 2025 से शुरू हुआ महाकुंभ 26 फरवरी 2025 तक चलेगा। गंगा, यमुना और सरस्वती के पवित्र संगम में स्नान करने के लिए साधु-संतों के अलावा दुनियाभर से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। अभी तक संगम में 41 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने पवित्र डुबकी लगा ली है। प्रशासन ने अपने नए दावे में कहा कि अगर ऐसी ही भीड़ आती रही है, तो महाकुंभ में इस बार 60 करोड़ से अधिक लोग पहुंच सकते हैं। 

महाकुंभ में नागा साधु सबसे ज्यादा आकर्षण का केंद्र हैं। सनातन धर्म में नागा साधुओं को धर्म का रक्षक माना जाता है। नागा साधुओं को 12 वर्षों की कठोर तपस्या करनी पड़ती है। नागा साधु भगवान शिव के वैरागी स्वरूप की पूजा करते हैं। महाकुंभ में देशभर से नागा साधु पहुचे हैं, जो लोगों के लिए सबसे अधिक आकर्षण का केंद्र हैं। नागा साधु, बिना कपड़े के, शरीर पर भस्म और लंबी जटाओं की वजह से भीड़ में सबसे अलग नजर आते हैं। आज हम अपनी इस खबर में बताएंगे कि नागा साधुओ का अंतिम संस्कार कैसे किया जाता है?

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नागा साधुओं का कैसे किया जाता है अंतिम संस्कार - फोटो : अमर उजाला।

जीवित रहते ही कर देते हैं पिंडदान

नागा साधु जिंदा रहते ही खुद अपना पिंडदान और अंतिम संस्कार कर देते हैं। ऐसे में उनके अंतिम संस्कार को लेकर भी कई सवाल किए जाते हैं। हिन्दू धर्म में जन्म से लेकर मृत्यु तक संस्कारों का पालन होता है, जिनमें अंतिम संस्कार भी प्रमुख है। आम लोगों की अंत्येष्टि दाह संस्कार करके होती है, लेकिन नागा साधु का अंतिम संस्कार कैसे होता है। 

 

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नागा साधुओं का कैसे किया जाता है अंतिम संस्कार - फोटो : अमर उजाला।

नागा साधु को दी जाती है समाधि

नागा साधुओं का दाह संस्कार नहीं किया जाता है। हालांकि, उनकी मृत्यु के बाद नागा साधु की समाधि लगाई जाती है। वह चाहे भू-समाधि हो या फिर जल समाधि हो। उनका दाह संस्कार नहीं किया जाता। नागा की चिता को आग नहीं दी जाती है, क्योंकि नागा साधु पहले ही अपने जीवन को नष्ट कर चुका होता है और पिंडदान कर चुका होता है। इसके बाद ही वह नागा साधु बनता है। 

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नागा साधुओं का कैसे किया जाता है अंतिम संस्कार - फोटो : अमर उजाला।

नाना साधु को ऐसे दी जाती है अंतिम विदाई

नागा साधु को समाधि देने से पहले स्नान कराया जाता है। इसके बाद मंत्रोच्चारण किया जाता है और उन्हें समाधि दी जाती है। नागा साधु की मृत्यु होने पर उनके शव पर भस्म लगाई जाती है। इसके बाद भगवा रंग का वस्त्र उनके पर डाला जाता है। समाधि बनाने के बाद उस जगह पर सनातन निशान बनाया जाता है ताकि लोग उस जगह को गंदा न करें। नागा साधु को पूरे मान-सम्मान के साथ विदा किया जाता है।

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नागा साधुओं का कैसे किया जाता है अंतिम संस्कार - फोटो : अमर उजाला।

नागा साधु बनने के लिए करती होती है कठिन तपस्या 

नागा साधु बनने के लिए 12 वर्ष कठिन तपस्या करनी पड़ती है। नागा साधुओं का जीवन बेहद ही जटिल होता है। बताया जाता है कि किसी भी इंसान को नागा साधु बनने में 12 साल का लंबा समय लगता है। नागा साधु बनने के बाद वह गांव या शहर की भीड़भाड़ भरी जिंदगी को त्याग देते हैं और रहने के लिए पहाड़ों पर जंगलों में चले जाते हैं। उनका ठिकाना उस जगह पर होता है, जहां कोई भी न आता जाता हो। अखाड़ों में नागा साधु को अनुशासन और संगठित जीवन जीने की शिक्षा दी जाती है। 

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