गर्मियों में हर घर में शीतल पेय के तौर पर मौजूद रहने वाला रूहअफजा बाजार से गायब हो गया है। रमजान का महीना शुरू हो चुका है। रमजान मुबारक के मौके पर रोजा खोलने के लिए रूहअफजा का सेवन खूब किया जाता है। लेकिन रूहअफजा के शौकीनों के लिए ये खबर अच्छी नहीं है। उत्तर भारत के कई शहरों के अलावा ऑनलाइन भी यह नहीं मिल रहा है। इस बात की जानकारी अमर उजाला ने आपको 13 अप्रैल 2019 को ही दे दी थी। अमर उजाला ने इस बारे में दिल्ली एनसीआर समेत यूपी के कुछ शहरों में इसकी उपलब्धता के बारे में पता किया तो बहुत कम जगह यह मिल रहा है।
रमजान के बीच भारत के बाजार में नहीं मिल रहा है 'रूहअफजा', लोगों को खल रही कमी
इस बीच पाकिस्तान में रूहअफजा बनाने वाली कंपनी के एमडी ने वाघा बॉर्डर के रास्ते भारत में रूहअफजा भेजने की पेशकश की है। इस संदर्भ में पाकिस्तान के हमदर्द कंपनी के एमडी उसामा कुरैशी ने ट्वीट भी किया है और कहा है कि वो भारत को रूहअफजा मुहैया करा सकते हैं।
Brother @DilliDurAst, we can supply #RoohAfza and #RoohAfzaGO to India during this Ramzan. We can easily send trucks through Wahga border if permitted by Indian Government.
सभी जगह पर नहीं मिल रहा रूहअफजा
दिल्ली एनसीआर के गाजियाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और फरीदाबाद के अलावा आगरा, एटा, इटावा, कानपुर, अलीगढ़, लखनऊ आदि जगह पर मौजूद छोटी और बड़ी दुकानों पर 'रूहअफजा' नहीं मिल रहा है। जिनके पास इसका स्टॉक पड़ा हुआ है वो पिछले साल जुलाई का है। वहीं यूपी के भी कई शहरों में इसका पुराना स्टॉक ही बिक रहा है।
शीतल पेय के तौर पर होता है प्रयोग
रूहअफजा का प्रयोग लोग शरबत, दूध, लस्सी व चुस्की जैसे उत्पादों में करते हैं। रमजान का महीना शुरू हो चुका है। रमजान में जहां रूहअफजा का खूब सेवन किया जाता था, वहीं अब बाजार से रूहअफजा गायब है।
1906 में शुरू हुआ था उत्पादन
हमदर्द ने 1906 में इसका उत्पादन गाजियाबाद से शुरू किया था। अब इसका उत्पादन भारत के अलावा पाकिस्तान और बांग्लादेश में भी होता है। यह उत्पाद तीनों देशों में बराबर तौर पर लोकप्रिय है।
