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जानिए क्या है निरंकारी मिशन, जिसके समागम में हुआ आतंकी हमला, दुनिया भर में हैं करोड़ों अनुयायी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 19 Nov 2018 09:10 AM IST
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सुदीक्षा बनीं संत निरंकारी मिशन की प्रमुख
- फोटो : अमर उजाला
जानिए क्या है वो निरंकारी मिशन, जिसके समागम में आतंकी हमला हुआ और तीन लोगों की जान चली गई। इसके दुनिया भर में करोड़ों अनुयायी हैं...
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nirankari bhawan amritsar
पंजाब के अमृतसर में राजासांसी स्थित निरंकारी भवन में 18 नवंबर रविवार को आतंकी हमला हुआ। सवेरे सत्संग के दौरान, जब करीब 200 लोग भवन में मौजूद थे, दो बाइक सवार नौजवान पिस्तौर लहराते हुए भवन में घुसे। उन्होंने हवाई फायर किया और भवन परिसर में ग्रेनेड फेंक दिया। जोर का धमाका हुआ, फिर भगदड़ मच गई। लोग जान बचाने के लिए इधर उधर भागने लगे। विस्फोट से तीन लोगों की जान चली गई, 20 लोग घायल हो गए।
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निरंकारी मिशन
- फोटो : अमर उजाला
27 देशों में 3000 शाखाएं, करोड़ों अनुयायी
बाबा हरदेव सिंह के निरंकारी मिशन की 27 देशों में 3000 शाखाएं हैं और एक करोड़ से ज्यादा अनुयायी हैं। मिशन का नाम गिनीज बुक में भी दर्ज है। निरंकारी मिशन की स्थापना 1929 में बाबा बूटा सिंह ने रावलपिंडी में की थी। 1947 में बंटवारे के बाद मिशन का मुख्यालय दिल्ली में बनाया गया। बाबा हरदेव सिंह रक्तदान किया करते थे। उनसे प्रेरित होकर ही निरंकारी कैंपों में एक दिन में 70 हजार लोगों ने रक्तदान किया। इसके लिए मिशन का नाम गिनीज बुक अॉफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज किया गया।
बाबा हरदेव सिंह के निरंकारी मिशन की 27 देशों में 3000 शाखाएं हैं और एक करोड़ से ज्यादा अनुयायी हैं। मिशन का नाम गिनीज बुक में भी दर्ज है। निरंकारी मिशन की स्थापना 1929 में बाबा बूटा सिंह ने रावलपिंडी में की थी। 1947 में बंटवारे के बाद मिशन का मुख्यालय दिल्ली में बनाया गया। बाबा हरदेव सिंह रक्तदान किया करते थे। उनसे प्रेरित होकर ही निरंकारी कैंपों में एक दिन में 70 हजार लोगों ने रक्तदान किया। इसके लिए मिशन का नाम गिनीज बुक अॉफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज किया गया।
निरंकारी मिशन
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बाबा हरदेव सिंह 27 अप्रैल 1980 में अपने पिता के देहांत के बाद गद्दी पर बैठे थे। तब से लेकर अब तक बाबा हरदेव सिंह ने देश व विदेशों में मिशन का प्रचार किया व समाज सेवा के जुड़े कई कार्य किए। वे बहुत मिलनसार और सरल स्वभाव के व्यक्ति थे। कभी भी इनका कोई विवाद सामने नहीं आया। बाबा साफ-सफाई के काम में भी कभी पीछे नहीं रहे। वे खुद भी गंदगी साफ किया करते थे। अपने कार्यकाल के दौरान कई सामूहिक विवाह भी करवाए।
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निरंकारी मिशन
- फोटो : अमर उजाला
1954 में 23 फरवरी को बाबा हरदेव का जन्म दिल्ली में हुआ था। उनकी शुरुआती पढ़ाई पटियाला में वाईपीएस से हुई। बाद में दिल्ली के संत निरंकारी कॉलोनी में रोसरी स्कूल और ग्रेजुएशन दिल्ली यूनिवर्सिटी से की। 1929 में रावलपिंडी से हुई थी मिशन की शुरुआत। इसे सहजधारी सिख बाबा दयाल सिंह ने शुरू किया था। 1971 में उन्होंने निरंकारी सेवा दल ज्वाइन किया। 1975 में फर्रुखाबाद की सविंदर कौर से शादी की थी।
