{"_id":"590adab24f1c1b161f8b457b","slug":"be-aware-of-rottweiler-breed-dogs-things-to-know-about-rottweiler-dog","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"इस नस्ल के कुत्ते को पालने के चक्कर में जेल हो सकती है, जान भी जा सकती है","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इस नस्ल के कुत्ते को पालने के चक्कर में जेल हो सकती है, जान भी जा सकती है
amarujala.com- Presented by: खुशबू गोयल
Updated Fri, 05 May 2017 09:36 AM IST
कुत्ते को पालने के शौकीन जान लिजिए। अगर इस नस्ल कुत्ते को पाला तो जेल जाना पड़ सकता है। जान से भी हाथ धो सकते हैं, जानिए आखिर क्यों।
Trending Videos
2 of 9
दुनिया की सबसे खतरनाक ब्रीड रोटविलर
जानते ही होंगे, हाल ही में हरियाणा के पानीपत में एक कुत्ता अपने केयर टेकर को मारकर खा गया था। केयर टेकर काफी देर तक कुत्ते से जूझता रहा, लेकिन कुत्ते ने उसे नहीं बख्शा। कुत्ता इतना खूंखार हो चुका था कि वह उसे काफी देर तक नोचता रहा, पर लोगों की हिम्मत नहीं पड़ी उसे भगाने की। ये कुत्ता था, दुनिया की सबसे खतरनाक ब्रीड रोटविलर का।
विज्ञापन
विज्ञापन
3 of 9
दुनिया की सबसे खतरनाक ब्रीड रोटविलर
रॉटविलर अपने एग्रेशन के लिए काफी बदनाम है। इसके चलते यूरोप और अमेरिका के कई हिस्सों में रॉटविलर को घर पर पालना बैन है, हालांकि भारत में इस ब्रीड को पालने को लेकर किसी तरह का कोई बैन नहीं है। जानवरों के लिए काम करने वाली संस्था 'एनिमल पीपुल' की एक रिसर्च के मुताबिक पिटबुल दुनिया की सबसे खतरनाक डॉग ब्रीड है। रॉटविलर दूसरे नंबर पर है।
4 of 9
दुनिया की सबसे खतरनाक ब्रीड रोटविलर
इस रिसर्च में 1882 से 2012 के बीच अलग-अलग ब्रीड के कुत्तों द्वारा किए हमले में हुई मौतों और हमलों के आंकड़े को लिया गया है। एक वेटनरी डॉक्टर बताते हैं कि रॉटविलर जब गुस्से में हो तो किसी पर भी हमला कर सकता है फिर चाहे वह शेर ही क्यों न हो। ऐसा माना जाता है कि रॉटविलर प्राचीन रोम के ड्रोवर कुत्ते की नस्ल है, जो बीहड़ में रहने वाली बेहद समझदार नस्ल थी।
विज्ञापन
5 of 9
दुनिया की सबसे खतरनाक ब्रीड रोटविलर
डॉक्टर बताते हैं कि इन्हें रोमन अपने साथ रखते थे। यूरोप को जीतने के लिए रोमन सेनाएं बड़ी यात्राएं करती थी। सैनिकों के भोजन के लिए मवेशियों का झुंड अपने साथ रखना होता था। रॉटविलर को इन मवेशियों को काबू रखने और रात में निगरानी के लिए रखा जाता था। इसी तरह यह नस्ल जर्मनी पहुंची थी।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे| Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।