'डीजे वाले बाबू' रैपर बादशाह एक्टर बनने जो रहे हैं, लेकिन वे आईएएस बनना चाहते थे। उन्होंने अपना नाम क्यों बदला और कैसे पहुंचे इस मुकाम तक, इसके बारे में खुद बताते हुए कहते हैं...
वे अगर रैपर न होते तो आईएएस अफसर होते। कभी ये उनका सपना हुआ करता था। इसके लिए वे स्कूल टाइम में खूब मेहनत करते थे, हर क्लास में अव्वल आते थे। बादशाह का कहना है कि उनकी कभी कोई गर्लफ्रेंड नहीं बनी, लेकिन उन्होंने शादी अपनी मर्जी से की। उनका छोटी बेटी इस समय उनकी बेस्ट फ्रेंड है और इसके साथ वे अपनी हर बात शेयर करते हैं। रैपर चंडीगढ़ के एलांते मॉल में अपनी मूवी की प्रमोशन के सिलसिले में आए थे।
बादशाह ने बताया कि उनका असली नाम आदित्य प्रतीक सिंह सिसोदिया है, लेकिन म्यूजिक इंडस्ट्री में आने के बाद उन्होंने नाम बदल लिया, क्योंकि जब वे इंडस्ट्री में आने का प्लान कर रहे थे, तब किंग खान शाहरुख खान की फिल्म बादशाह आई थी। उन्हें यह नाम काफी अच्छा लगा, इसीलिए उन्होंने अपना निक नेम बादशाह रख दिया। इसी नाम से अब लोग मुझे जानते हैं और इस नाम से उन्हें काफी कुछ मिला।
बादशाह ने बताया कि मैं पंजाब इंजीनियरिंग कालेज में पढ़ता था तो उस समय की बात ही अलग थी। मैकेनिकल इंजीनियरिंग कर रहा था। मेरे दोस्तों की मैं क्या बताऊं, ऐसे दोस्त कम ही मिलते हैं। मैं कई बार पढ़ते पढ़ते सो जाया करता था, कुछ ओढ़ता नहीं था और जब सुबह उठता था तो रजाई पड़ी होती थी। यह ऐसे क्षण थे जो अभी भी मुझको भावुक कर देते हैं। मैंने इंजीनियरिंग की और उसके बाद रैप की दुनिया में चला गया।
बादशाह ने कहा कि जब वह बॉलीवुड में गए तो एक बार ऐसा लगा कि अपना समय बर्बाद किया पर बाद में यही इंजीनियरिंग मेरे खूब काम आई। अब म्यूजिक प्रोड्यूस करता हूं तो सारा काम इंजीनियरिंग का ही है। ऐसा कहीं नहीं लगता है कि मैंने अपना समय खराब किया। रैप तो उसी समय से चलता था। बाद में यह प्रोफेशनल रूप में आ गया। मैंने यहां डीएवी कालेज के पास, सेक्टर-17 और पीजीआई के सामने परांठे भी खूब खाएं हैं।