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बहादुर बेटीः 13 की उम्र में शादी, 15 में दो बच्चे और अब इंटरनेशनल पहलवान हैं
संजीव पंगोत्रा/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 13 Jul 2017 09:09 AM IST
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रेसलर नीतू सरकार
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मिलिए ब्रेव डॉटर ऑफ इंडिया से। 13 की उम्र में शादी हो गई और 15 की उम्र में दो बच्चे, लेकिन जज्बा इतना गजब का था कि आज इंटरनेशनल पहलवान हैं।
रेसलर नीतू सरकार
बात हो रही है, रोहतक के महम की नीतू सरकार की। चंडीगढ़ स्थित पंजाब कला भवन में एक कार्यक्रम में शिरकत करने आई नीतू सरकार ने अपनी कहानी सुनाई तो वहां मौजूद हर किसी की आंख नम हो गई, लेकिन गर्व भी हुआ। नीतू देश की या दुनिया की पहली ऐसी महिला रेसलर हैं, जिनका चयन दो बच्चों की मां होने के बाद जूनियर नेशनल चैंपियनशिप के लिए हुआ था।
रेसलर नीतू सरकार
इस उपलब्धि के लिए सीमा सुरक्षा बल में उन्हें सब इंस्पेक्टर का पद दिया गया है। नीतू सरकार, एक ऐसी रेसलर जिसका बचपन बीता अपने जीवन को बर्बादी से बचाने के दंगल में और जवानी में कदम रखा तो बन गई ‘दंगल क्वीन’। नीतू बचपन से ही सपना है कि पहलवान बनूं और गोल्ड मेडल जीतूंगी। लेकिन 13 साल की उम्र में पिता ने विवाह कर दिया। 45 साल की उम्र के अधेड़ के साथ।
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रेसलर नीतू सरकार
नीतू ने बताया कि पिता की भी मजबूरी थी। घर में खाने के लाले थे तो बेटी के हाथ पीले करने का खर्च कहां से लाते। नीतू ससुराल तो गई, लेकिन लौट आई। पिता ने सोचा बेमेल विवाह ही लौटने का कारण है। इसलिए महम के गांव बेड़वा के संजय के साथ दूसरी शादी कर दी। 15 वर्ष की उम्र में दो बच्चों की मां बन गई, बावजूद इसके नीतू ने अपने सपने को मरने नहीं दिया।
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रेसलर नीतू सरकार
नीतू ने बताया कि पति संजय से वह अपने सपने साझा करती थी। इसके बाद संजय ने प्रोत्साहित किया। उसने 18 साल की उम्र में प्रैक्टिस शुरू कर दी। आज वह 20 साल की है और देश की जानी मानी रेसलर बन चुकी हैं। कई मेडल अपने नाम कर चुकी है। विदेशों में भी देश का प्रतिनिधित्व कर चुकी है। नीतू ने अपना सपना साकार करने के लिए बहुत मेहनत की।