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माता चंद कौर का अंतिम संस्कार, श्रद्धालुओं ने नम आंखों से दी विदाई

ब्यूरो/अमर उजाला, लुधियाना(पंजाब) Updated Thu, 07 Apr 2016 12:26 PM IST
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funeral of mata chand kaur in ludhiana
माता चंद कौर का अंतिम संस्कार - फोटो : amar ujala
नामधारी समुदाय के पूर्व सतगुरु जगजीत सिंह की पत्नी माता चंद कौर की पार्थिव देह को हजारों नम आंखों ने अंतिम विदाई दी।
funeral of mata chand kaur in ludhiana
माता चंद कौर का अंतिम संस्कार - फोटो : amar ujala
लुधियाना में हजारों नम आंखों और अनुयायियों ने मंगलवार को नामधारी समुदाय के पूर्व सतगुरु जगजीत सिंह की धर्मपत्नी माता चंद कौर की पार्थिव देह को अंतिम विदाई दी। पूरे विधि विधान के साथ श्री भैणी साहिब स्थित नामधारी मुख्यालय में जगजीत मंदिर के बगल में उनकी देह का नाम सिमरन के साथ अंतिम संस्कार किया गया। 
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माता चंद कौर का अंतिम संस्कार - फोटो : amar ujala

सतगुरु उदय सिंह के बेटे उत्तम सिंह एवं माता चंद कौर के दोहते जय सिंह ने उनकी चिता को मुखाग्नि दी। इस दौरान सतगुरु ठाकुर उदय सिंह भी खास तौर पर मौजूद रहे। अंतिम संस्कार में पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल पहुंचे और उन्होंने माता चंद कौर को पुष्प अर्पित करके श्रद्धांजलि दी। बादल ने माता की मौत पर गहरा दुख जताया। अंतिम संस्कार को लेकर पुलिस ने सुरक्षा का कड़ा इंतजाम किया हुआ था। पूरे नामधारी मुख्यालय और आसपास चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात थी। जगह-जगह नाकाबंदी करके जांच की जा रही थी। 

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माता चंद कौर का अंतिम संस्कार - फोटो : amar ujala

नामधारी मुख्यालय के मुख्य गेट के अंदर ही संगत हाथ में पोस्टर और बैनर पकड़कर शांतिमय रोष प्रदर्शन कर रही थी। इन पोस्टरों पर माता चंद कौर के हत्यारों को तुरंत गिरफ्तार करने की मांग की गई थी। कई पोस्टरों पर ठाकुर दलीप सिंह के खिलाफ भी कार्रवाई करने की वकालत की गई। विश्व नामधारी संगत के प्रधान सुरिंदर सिंह ने कहा कि माता चंद कौर की अंतिम अरदास 10 अप्रैल को श्री भैणी साहिब में होगी।

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माता चंद कौर का अंतिम संस्कार - फोटो : amar ujala
माता चंद कौर का पार्थिव शरीर नामधारी मुख्यालय स्थित बाग वाली कोठी में सोमवार शाम से ही अंतिम दर्शन के लिए रखा गया था। रात भर और मंगलवार दोपहर तक बड़ी संख्या में संगत ने उनके अंतिम दर्शन किए। अंग्रेजों के राज में सतगुरु हरि सिंह ने यहां तपस्या की थी। इसके बाद सतगुरु जगजीत सिंह की भी यह पसंदीदा जगह रही। सतगुरु जगजीत सिंह यहीं तपस्या करते थे।
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