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पहले कुलभूषण केस, अब देश के एक कदम से पाकिस्तान के बुरे दिन शुरू हो गए हैं
ब्यूरो/अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब)
Updated Tue, 11 Jul 2017 09:16 AM IST
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भारत-पाक का कारोबार
पहले कुलभूषण जाधव केस के चलते तो अब भारत देश के इस कदम के चलते पाकिस्तान के बुरे दिन चल रहे हैं और कमर बुरी तरह से टूट रही है।
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अमृतसर में वाघा बॉर्डर
दरअसल, देश में जीएसटी लागू हो गया है। इसके चलते भारत-पाकिस्तान के बीच होने वाला व्यापार जीएसटी के चलते धीमा हो गया है। सीमा शुल्क विभाग के पास अभी तक जीएसटी को लेकर कोई गाइड लाइन ही नहीं पहुंची है। दोनों देशों के बीच अटारी बार्डर से होने वाला व्यापार भी जहां कम हो गया है, वहीं रेल माध्यम से होने वाला व्यापार भी सिमटने लगा है।
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अमृतसर में वाघा बॉर्डर
हालात यहां तक पहुंच गए हैं कि दोनों मुल्कों के बीच ट्रकों की आवाजाही 200-250 ट्रकों से कम होकर 30-35 ट्रकों तक सिमट गई है। जीएसटी ने जहां भारत-पाक व्यापार में फर्क डाला है वहीं दूसरी तरफ दोनों देशों के बीच बनते-बिगड़ते रिश्तों ने व्यापार की कमर तोड़ दी है। सर्जिकल स्ट्राइक के बाद से ही दोनों मुल्कों के बीच व्यापार जहां कम होने लगा, वहीं चीन के साथ पाकिस्तान व्यापार के लिए नए कांट्रेक्ट कर रहा है।
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- फोटो : सोशल मीडिया
मजीठ मंडी ड्राई फ्रूट एंड किराना मर्चेंट एसोसिएशन के प्रधान अनिल मेहरा कहते हैं कि पाकिस्तान सदैव व्यापार में स्वार्थी रहा है। भारत ने हमेशा पाकिस्तान की मदद की है लेकिन पाकिस्तान कभी चीन की गोद में जा बैठता है तो कभी खाड़ी देशों के साथ हाथ मिला लेता है। इस समय भारत से व्यापार कांट्रेक्ट तोड़ कर पाकिस्तान चीन के साथ व्यापार कर रहा है। यही वजह है कि दोनों मुल्कों के बीच व्यापार निरंतर कम हो रहा है।
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इंडो-पाक चेंबर ऑफ कामर्स के महासचिव राजेश सेतिया कहते हैं कि जीएसटी लागू किया जाना बेहतर कदम है, लेकिन अभी तक जीएसटी को लेकर कोई गाइड लाइन ही नहीं सीमा शुल्क विभाग तक पहुंची है। जिससे जीएसटी को लेकर दोनों मुल्कों के बीच व्यापार का रुख कैसा होगा, यह तय होना बाकी है। उधर, रेल कारगो के असिस्टेंट कमिश्नर शंभू लाल का मोबाइल फोन बंद होने के कारण बात नहीं हो सकी।