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देखिए एक CM, तीन बार दिया मेडिकल का टेस्ट दिया, फिर भी डॉक्टर न बन पाए

Sat, 15 Apr 2017 09:23 AM IST
सोमदत्त शर्मा/अमर उजाला, करनाल(हरियाणा)
सोमदत्त शर्मा/अमर उजाला, करनाल(हरियाणा) Updated Sat, 15 Apr 2017 09:23 AM IST
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haryana chief minister manohar lal khattar interesting story to be doctor
मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर
यकीं नहीं होगा, लेकिन ये सच है। PM मोदी के इस मुख्यमंत्री ने 3 बार मेडिकल का टेस्ट दिया, लेकिन वह डॉक्टर नहीं बन पाए। सुनिए दिलचस्प कहानी।
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मनोहर लाल खट्टर - फोटो : अमर उजाला
हम बात कर रहे हैं आरएसस से अपना राजनीतिक सफर शुरू कर करनाल के विधायक और प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल कि, जिन्हें आज भी डॉक्टर ना बन पाने का मलाल है। वर्षों से दिल में दबा यह दर्द गुरुवार को कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज के उद्घाटन के बाद उन्होंने डाक्टरों व जनता के साथ सांझा किया। सीएम मनोहर लाल की बचपन से ही तमन्ना थी कि वे डॉक्टर बनें, इसके लिए उन्होंने प्री मेडिकल किया।
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khattar - फोटो : अमर उजाला
इसके लिए बकायदा रोहतक मेडिकल कॉलेज, एम्स और पूना मेडिकल कॉलेज के लिए टेस्ट दिये, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिल सकी। हालांकि, गोवा के एक कॉलेज में जरूर उनको दाखिला मिल रहा था, लेकिन इसके बदले उनके मोटी रकम मांगी गई थी, लेकिन उनका मन नहीं माना कि वे पैसे देकर डॉक्टर बनें। आज वक्त की बात है कि वे मेडिकल कॉलेज का उद्घाटन कर रहे हैं, जिसमें डॉक्टर तैयार होंगे।
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khattar - फोटो : अमर उजाला
सीएम ने कहा कि उन्हें खुशी है कि आज वे उस भवन की शुरुआत कर रहे हैं, जहां पर डॉक्टरों की पौध तैयार होनी है। कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज के उद्घाटन के बाद जनसभा को संबोधित करते हुए सूबे के मुख्यमंत्री ने माना कि आज भी कई स्थानों पर इस तरह का खेल चल रहा है, जो पैसे लेकर डॉक्टर बना रहे हैं, ये दुर्भाग्य है।
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khattar - फोटो : अमर उजाला
सीएम ने यह भी कहा कि प्रदेश सरकार नई नर्सिंग पॉलिसी ला रही है, इसके तहत कामचलाऊ और फर्जी नर्सिंग सेंटरों पर लगाम लगेगी और पूरी प्रक्रिया पार करने के बाद भी कॉलेज खुल सकेंगे। इन कालेजों में एएनएम, जीएनएम और एमपीएचडब्ल्यू के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा। सीएम ने कहा कि प्रदेश में निजी और सरकारी मिलाकर कुल 14 हजार डॉक्टर हैं, जबकि जनसंख्या के हिसाब से 16 हजार और डॉक्टरों की जरूरत है।
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